गिरिडीह
गिरिडीह जिले के पारसनाथ वन क्षेत्र में लंबे समय से फल-फूल रहे अवैध क्वार्ट्ज पत्थर के कारोबार पर वन विभाग ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए माफियाओं के खिलाफ सख्त संदेश दिया है। गुप्त सूचना के आधार पर चलाए गए विशेष अभियान में वन विभाग की टीम ने खुखरा क्षेत्र से अवैध क्वार्ट्ज पत्थर से लदे एक 16 चक्का हाइवा (ट्रक) को जब्त कर लिया। इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन और तस्करी से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, डीएफओ मनीष तिवारी के निर्देश पर पारसनाथ रेंज के रेंजर एस.के. रवि के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की।

खनन कानूनों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई
टीम ने खुखरा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए कार्रवाई की और भारी मात्रा में अवैध क्वार्ट्ज पत्थर से लदे हाइवा को कब्जे में ले लिया। जब्त वाहन को पारसनाथ रेंज कार्यालय लाया गया है, जहां उसके दस्तावेजों और खनिज की वैधता की जांच की जा रही है। वन विभाग अब यह पता लगाने में जुट गया है कि इस अवैध कारोबार के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं, पत्थर कहां से निकाला गया और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था। जांच के दायरे में वाहन मालिक, चालक, खनन कराने वाले और पूरे सप्लाई नेटवर्क को शामिल किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ वन एवं खनन कानूनों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अवैध कारोबारियों के लिए चेतावनी
बताया जा रहा है कि पारसनाथ वन क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बावजूद माफिया वन संपदा और प्राकृतिक संसाधनों का लगातार दोहन कर रहे थे। ऐसे में वन विभाग की यह कार्रवाई न केवल अवैध कारोबारियों के लिए चेतावनी है, बल्कि यह संकेत भी है कि अब जंगलों में खनन माफियाओं की मनमानी अधिक दिनों तक नहीं चलने दी जाएगी। वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन, वन संपदा की तस्करी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। विभाग का कहना है कि किसी भी कीमत पर जंगलों की संपदा की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।