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"बाढ़ किताबें बहा ले गई, पढ़ूंगी कैसे!", मासूम कृतिका की बात से पिघला DC का दिल; ऐसे पहुंचाई मदद...

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द फॉलोअप डेस्क, रांची:

मानसून की बारिश में झारखंड की नदियां उफान पर है। पिछले दिनों पलामू जिले में कोयल नदी का जलस्तर बढ़ा तो 5वीं कक्षा में पढ़ने वाली कृतिका का घर भी चपेट में आ गया। बाढ़ का पानी मासूम कृतिका की किताबें और कॉपियां बहा ले गया। कृतिका अपनी समस्या लेकर पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के जनता दरबार में पहुंची और बताया कि सर! अब पढ़ाई कैसे होगी? उपायुक्त ने ध्यानपूर्वक कृतिका की बातें सुनी और फिर उसे इन शब्दों में भरोसा दिया कि बेटा, ठीक से पढ़ाई करना। आपकी हरसंभव सहायता की जाएगी। उपायुक्त के इस संवेदनशील रवैये ने ना केवल कृतिका के सपनों को टूटने से बचा लिया, बल्कि आमजन को भी खुश कर दिया। 

 

मानसून में कोयल नदी का जलस्तर बढ़ा है
गौरतलब है कि पलामू में कोयल नदी उफान पर है। मानसून की लगातार हो रही बारिश की वजह से नदी का जलस्तर बढ़ा है और तटवर्ती इलाकों में तबाही मचा रहा है। कृतिका का मकान भी बाढ़ की जद में आ गया और उसमें किताबें और कॉपियां बह गई थी। गौरतलब है कि इस त्रासदी में जो एक चीज नहीं बही, वह था कृतिका का पढ़ने का जुनून और बेहतर भविष्य का सपना। पलामू डीसी के जनता दरबार में भीड़ के बीच अपनी आंटी का हाथ थामे कृतिका चुपचाप खड़ी थी। चेहरे पर झिझक स्पष्ट नजर आ रही थी। चिंता साफ दिखाई पड़ रही थी। आंखों में  सवाल था कि, अब पढ़ाई कैसे होगी? आखिरकार, जब कृतिका की बारी आई तो उसने हिम्मत जुटाकर डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के सामने अपनी बात रखी और चिंता जाहिर की।

 

कृतिका की मां घरेलु सहायिका का काम करती हैं
कृतिका ने उपायुक्त को बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि तुरंत किताबें और कॉपियां खरीदी जा सके। बच्ची ने बताया कि उसके मां घरेलु सहायिका का काम करती है, जबकि पिता बेरोजगार हैं। मासूम की बात सुनकर उपायुक्त ने संवेदनशीलता दिखाई और कृतिका की समस्या को तत्काल गंभीरता से संज्ञान में लेकर जिला शिक्षा अधीक्षक को जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके बाद उपायुक्त ने बच्ची से कहा कि बेटा, ठीक से पढ़ाई करना। तुम्हारी हरसंभव सहायता की जायेगी। 

जिला शिक्षा विभाग कृतिका को देगा किताबें-कॉपियां
उपायुक्त के निर्देश पर जिला शिक्षा विभाग ने कृतिका की सहायता के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। कृतिका को बहुत जल्द नई किताबें और कॉपियां उपलब्ध कराई जाएगी। भविष्य में भी पढ़ाई में कृतिका की सहायता की जाएगी। विभाग की ओर से कृतिका के परिजनों से सरकारी स्कूल में नामांकन को लेकर बातचीत की गई है। किसी ने सच ही कहा है कि बाढ़ किताबें बहा ले गई, लेकिन पढ़ने का हौसला नहीं। 

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Tags - JharkhandPalamuKoyal River FloodKritika