पलामू
मेदिनीनगर शहर में इस बार मोहर्रम का पर्व आपसी भाईचारे, सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की एक खूबसूरत मिसाल बनकर सामने आया। लंबे समय बाद ऐसा नजारा देखने को मिला, जब दोनों समुदायों के लोग एक-दूसरे के आमने-सामने सम्मान और अपनत्व के साथ खड़े नजर आए। पूरे शहर में शांति, सौहार्द और एकता का संदेश देखने को मिला।
दशकों बाद दिखा शहर में ऐसा सकारात्मक माहौल
मोहर्रम के मौके पर शहर के विभिन्न इलाकों से ताजिया जुलूस निकाला गया। जुलूस के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। हर प्रमुख चौक-चौराहे पर पुलिस बल, दंडाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे ताकि पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। सबसे खास बात यह रही कि जुलूस के दौरान दोनों समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे का सम्मान करते हुए भाईचारे का परिचय दिया। कहीं लोगों ने एक-दूसरे का अभिवादन किया, तो कहीं आपसी सहयोग और सौहार्द की तस्वीरें देखने को मिलीं। लंबे समय बाद शहर में ऐसा सकारात्मक माहौल देखने को मिला, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है।
उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने संभाली कमान
इस दौरान पलामू के उपायुक्त शशिरंजन और पुलिस अधीक्षक रीशमा रमेशन भी लगातार पूरे शहर का भ्रमण करते रहे। दोनों अधिकारियों ने विभिन्न संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने लोगों से मुलाकात कर शांति और भाईचारे को बनाए रखने की अपील भी की। उपायुक्त शशिरंजन ने कहा कि पलामू हमेशा से आपसी प्रेम और सामाजिक सौहार्द की भूमि रही है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि इसी तरह एक-दूसरे के धर्म और भावनाओं का सम्मान करते हुए जिले में शांति और एकता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि सभी पर्व आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ मनाए जाएं, यही समाज और जिले की सबसे बड़ी ताकत है।
पुलिस अधीक्षक ने जताया जनता का आभार
वहीं पुलिस अधीक्षक रीशमा रमेशन ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि समाज में विश्वास और सौहार्द का माहौल कायम रखना भी है। उन्होंने सभी लोगों का धन्यवाद देते हुए कहा कि नागरिकों के सहयोग की वजह से मोहर्रम का पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो रहा है। उन्होंने यह भी अपील की कि किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दें। 
धार्मिक गरिमा के साथ सामाजिक एकता का संदेश
मोहर्रम के इस अवसर पर मेदिनीनगर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब समाज के सभी वर्ग एक-दूसरे का सम्मान करते हैं, तो हर पर्व खुशियों और भाईचारे का संदेश बन जाता है। प्रशासन की सतर्कता और आम लोगों के सहयोग से पूरे शहर में शांति, सौहार्द और एकता का माहौल देखने को मिला, जो आने वाले समय के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है। कुल मिलाकर, मेदिनीनगर में इस बार का मोहर्रम सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि सामाजिक एकता, आपसी सम्मान और भाईचारे का ऐसा संदेश बनकर उभरा, जिसने पूरे पलामू को गर्व महसूस कराया।