पाकुड़
मानसून की सस्ती से पाकुड़ के किसानों की चिंता बढ़ गई है। जुलाई का महीना आ चुका है, मगर अब तक बारिश नहीं होने से धान की रोपाई शुरू नहीं हो सकी है। जिससे किसान परेशान नजर आ रहे हैं। खेतों में तैयार बिचड़ा रोपाई का इंतजार कर रहा है। जबकि पानी नहीं होने से किसान आसमान में टकटकी लगाए बैठें हैं। वहीं किसानों ने बताया कि बारिश नहीं होने से खेतों की तैयारी और धान रोपाई दोनों प्रभावित हो रही है। समय पर बारिश नहीं होने से बिचड़ा की गुणवत्ता प्रभावित होने और उत्पादन घटने की आशंका जताई जा रही है। कम बारिश के कारण किसान धान रोपाई की काम नहीं कर पा रहे हैं।

धान के अतिरिक्त अन्य फसल पर भी ध्यान देने की जरूरत
इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार ने बताया कि बारिश कम होने की स्थिति में किसान को विभाग के तरफ से लगातार गोष्ठी एवं अन्य प्रचार के माध्यम से जानकारी दी जा रही है। जहां अधिक बारिश आधारित जो भी फसल है विशेष कर धान उनके अतिरिक्त अन्य फसल पर भी ध्यान देने की जरूरत है। खासकर मध्यम एवं उच्च भूमि जहां है वहां कम बारिश वाला ही फसल उपजाऊ करने की बात कही गयी है। कृषि विभाग के द्वारा कृषकों को बीज भी उपलब्ध किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि 10 से 15 दिनों तक बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। अगर ऐसी होती है तो फिर किसान धान रोपाई कर सकते हैं। इस परिस्थिति में सरकार द्वारा किसानों के लिए जो भी योजनाएं हैं उसे विभाग किसानों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।
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