पाकुड़
पाकुड़ प्रखंड क्षेत्र में कुछ हफ्ते पहले फैला खसरा का प्रकोप अब पूरी तरह नियंत्रण में है। सदर प्रखंड के न्यू अंजना, रनडांगा, और जानकी नगर जैसे गांवों में इस वायरस ने बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया था, जिससे स्थानीय लोग काफी भयभीत थे। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम द्वारा लगातार किए गए प्रयासों के बाद स्थिति को संभाल लिया गया है। 
खसरा का प्रकोप अब पूरी तरह नियंत्रण में
आज बुधवार को जिले के डॉक्टर एस के झा ने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाकुड़ में प्रेस वार्ता कर बताया कि खसरा को लेकर जो आउटब्रेक हुआ था, वह अभी नियंत्रण में है तथा आउटब्रेक क्षेत्र में अभी खसरा से ग्रसित बच्चे सामान्य स्थिति में हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए बताया कि नियमित प्रतिरक्षण बच्चे का मां-बाप इसे जरूर कराएं ताकि इस संक्रमित बीमारी से बच्चों को किसी प्रकार का घातक प्रभाव न हो।

डॉक्टर ने क्या कहा खसरा बीमारी के बारे में?
उन्होंने आगे बताया कि खसरा बीमारी बहुत ही घातक बीमारी है। 0 से लेकर 5 वर्षों तक के बच्चों को यह बीमारी होती है। इस बीमारी से बच्चे निमोनिया तथा डायरिया से ग्रसित होते हैं जिससे स्थिति और भी विकराल हो जाती है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे नियमित टीकाकरण कराएं ताकि उन्हें इस बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।
संक्रमण से बचने के लिए बच्चों का टीकाकरण बेहद जरूरी
आगामी 28, 29 एवं 30 जून को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का आयोजन सुनिश्चित हुआ है। इस अवसर पर आम जनता से अपील की गई है कि 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को 'दो बूंद जिंदगी की' पल्स पोलियो ड्रॉप जरूर पिलवाएं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 28 जून को 'बूथ एक्टिविटी' तथा 29 एवं 30 जून को 'हाउस एक्टिविटी' का संचालन किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि हमारा लक्ष्य बूथ एक्टिविटी के दिन ही शत-प्रतिशत बच्चों को कवर करना है। अभियान के दौरान एक भी बच्चा छूटने न पाए, इसके लिए सभी नागरिकों से सक्रिय सहयोग की अपील की गई है।