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झारखंड में 73 हजार से अधिक पद रिक्त, सरकार ने कहा- संसाधन और जरूरत के आधार पर होगी नियुक्ति

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द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में बड़ी संख्या में सरकारी पद रिक्त होने का मुद्दा विधानसभा में उठा। इस पर राज्य सरकार ने कहा कि उपलब्ध संसाधनों और जरूरत के अनुसार ही रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में अब तक 30 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई पद पिछले 20–25 वर्षों से खाली पड़े हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार अपने वित्तीय संसाधनों और आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ही नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। विभागों से प्राप्त अधियाचना के आधार पर झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के माध्यम से लगातार नियुक्तियां की जा रही हैं।


इस दौरान भाजपा विधायक सीपी सिंह ने सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या विभागों से अधियाचना नहीं मिलने तक पद खाली ही रहेंगे, या फिर आर्थिक संसाधनों की कमी होने पर भी नियुक्तियां नहीं की जाएंगी। दरअसल, भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम के आंकड़ों के आधार पर यह सवाल उठाया था। उन्होंने बताया कि राज्य में कुल 2,23,363 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनके मुकाबले करीब डेढ़ लाख पदों पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि लगभग 73 हजार पद अब भी रिक्त हैं। इस पर सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि विभागों से प्राप्त अधियाचना के आधार पर ही नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।