द फॉलोअप, रांची
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता है और ऐसे कार्यक्रम युवाओं को देश की सांस्कृतिक समृद्धि को करीब से जानने और समझने का अवसर प्रदान करते हैं। राज्यपाल मंगलवार को लोक भवन, रांची में आईआईटी (आईएसएम) धनबाद द्वारा आयोजित ‘युवा संगम’ कार्यक्रम के तहत आईआईटी इंदौर से आए विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। राज्यपाल ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं और वीर स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवशाली विरासत की भूमि है। उन्होंने विश्वास जताया कि झारखंड का अनुभव और यहां के लोगों का आत्मीय स्नेह विद्यार्थियों के लिए हमेशा यादगार रहेगा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय ज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी का युग है तथा युवाशक्ति ही राष्ट्रशक्ति है। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सोच, संकल्प और नवाचार की क्षमता की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य की ओर अग्रसर है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भी अनुसंधान, नवाचार तथा बहुआयामी शिक्षा को बढ़ावा देती है।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से केवल बेहतर करियर बनाने तक सीमित न रहने, बल्कि संवेदनशील, उत्तरदायी और नैतिक नागरिक बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ज्ञान का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत उन्नति नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के कल्याण में योगदान देना भी है। स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और अपनी प्रतिभा एवं ज्ञान का उपयोग समाज तथा मानवता के हित में करने की अपील की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘युवा संगम’ का अनुभव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को और समृद्ध करेगा तथा वे झारखंड की संस्कृति, यहां के लोगों के स्नेह और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का संदेश अपने साथ लेकर लौटेंगे।
