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DC मंजुनाथ भजंत्री का फैसला : असुरक्षित जर्जर स्कूल भवन को तोड़ने के दिए आदेश, पीड़ित परिजनों को भी मिलेगा मुआवजा

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द फॉलोअप डेस्क
सुखदेव नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत टांगर बस्ती स्थित गिरा जर्जर स्कूल भवन वर्ष 2018 में राज्य सरकार की 'स्कूल मर्जर नीति' के तहत बंद कर दिया गया था और उसमें अध्ययनरत छात्रों को अन्य निकटवर्ती स्कूलों में स्थानांतरित कर दिया गया था, तभी से विद्यालय भवन निष्क्रिय था और कक्षाओं में ताले लगे थे। लेकिन अब रांची उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री द्वारा दुर्घटना में मृत व्यक्ति के आश्रित एवं घायलों को नियमानुसार उचित मुआवजा देने का निर्देश अंचल अधिकारी को दिया है।
भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए पूर्व में ही जिला प्रशासन द्वारा इसे उपयोग के लिए अनुपयुक्त घोषित कर दिया गया था। सुरक्षा की दृष्टि से अब इसे पूरी तरह से ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वे सुरक्षा की दृष्टि से उस विद्यालय भवन के परिसर में प्रवेश न करें। भवन पूरी तरह असुरक्षित है और वहां किसी भी प्रकार की गतिविधि करना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
दरअसल झारखंड में स्कूल मर्ज नीति का मुख्य उद्देश्य, 50 से कम छात्रों वाले स्कूलों को बड़े स्कूलों में विलय करना है। इस नीति के जरिये शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाकर, संसाधनों का बेहतर उपयोग कर छात्रों को शिक्षा प्रदान करने में मदद करना है। 
 

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