द फॉलोअप डेस्क
मुख्यमंत्री आवास के पुनर्निर्माण को लेकर सूबे की सियासत गर्म हो गयी है, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री आवास के पुनर्निर्माण पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने इसे दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के शीशमहल से तीन गुना ज्यादा खर्च वाला शीशमहल बताया है। वहीं आदित्य साहू के द्वारा दिए गए बयान पर तंज कसते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सह मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा का यह रवैया पूरी तरह से दोहरा चरित्र को दर्शाता है। जब उनकी सरकारें सत्ता में होती हैं, तब बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स को विकास का प्रतीक बताया जाता है, लेकिन विपक्ष में आते ही वही काम उन्हें फिजूलखर्ची नजर आने लगता है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री आवास का निर्माण कोई व्यक्तिगत विलासिता का विषय नहीं, बल्कि प्रशासनिक जरूरतों और सुरक्षा मानकों से जुड़ा हुआ मामला है। राज्य के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति के लिए एक व्यवस्थित, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से लैस आवास आवश्यक होता है, ताकि शासन-प्रशासन सुचारू रूप से चल सके।

राकेश सिन्हा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता के असली मुद्दों महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ ,गैस की किल्लत से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के अनावश्यक विवाद खड़े किए जा रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि यदि भाजपा वास्तव में जनहित के प्रति गंभीर है, तो उसे रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए, न कि हर विकास कार्य में बाधा डालने का प्रयास करना चाहिए। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के शासनकाल में कई ऐसे निर्माण कार्य हुए जिनकी लागत और पारदर्शिता पर सवाल उठे, लेकिन तब उन्होंने कभी आत्ममंथन नहीं किया। आज वही पार्टी नैतिकता का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रही है, जो जनता को भ्रमित करने का प्रयास है। अंत में कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए काम कर रही है और विकास के हर कदम पर पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करेगी। भाजपा को चाहिए कि वह नकारात्मक राजनीति छोड़कर सकारात्मक सहयोग की दिशा में आगे बढ़े।
