कोडरमा
कोडरमा लोकसभा क्षेत्र 23 सितंबर से एक बड़े खेल आयोजन का गवाह बनेगा। “सांसद खेल महोत्सव 2025” का आगाज़ 23 सितंबर से होगा और यह महोत्सव 25 दिसंबर तक चलेगा। तीन माह तक चलने वाले इस आयोजन में फुटबॉल, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, एथलेटिक्स सहित पारंपरिक और आधुनिक दोनों तरह के खेल शामिल किए गए हैं। आयोजकों का दावा है कि यह प्रतियोगिता क्षेत्र के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का मंच बनेगी।
महिला एवं बाल विकास मंत्री और कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि इस महोत्सव का मकसद सिर्फ खेल प्रतिभाओं की पहचान करना ही नहीं है, बल्कि युवाओं में फिटनेस, अनुशासन और टीम भावना को मजबूत करना भी है। उन्होंने कहा – “यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि ‘फिट युवा – विकसित भारत’ की दिशा में एक बड़ा कदम है।”

विस्तृत कार्यक्रम
आयोजन की शुरुआत 23 सितंबर को डोमचांच के सीएम हाई स्कूल फुटबॉल ग्राउंड से होगी। यहां 25 अक्टूबर तक फुटबॉल मुकाबले खेले जाएंगे। दूसरा फुटबॉल टूर्नामेंट 3 से 31 अक्टूबर तक बरकट्ठा स्टेडियम, अडवार में होगा।
6 से 18 अक्टूबर तक झुमरी तिलैया के सीएच स्कूल में खो-खो, कबड्डी और पारंपरिक खेल लगोरी (सत्तूलिया) आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद नवंबर में गिरिडीह के इंडोर स्टेडियम और केवीएस मैदान में बैडमिंटन (1–4 नवंबर), वॉलीबॉल (6–10 नवंबर), टेबल टेनिस (9 नवंबर), शतरंज (10–15 नवंबर) और एथलेटिक्स (10–15 नवंबर) की प्रतियोगिताएं होंगी।

युवाओं और ग्रामीण प्रतिभाओं पर फोकस
सांसद अन्नपूर्णा देवी ने बताया कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के खिलाड़ियों को बराबर अवसर देने के लिए यह महोत्सव अलग-अलग जगहों पर आयोजित किया जा रहा है। इसमें विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया” अभियान से प्रेरित होकर इस आयोजन को डिजाइन किया गया है। महोत्सव से निकलने वाली प्रतिभाओं को आगे की बड़ी प्रतियोगिताओं में भी भेजा जाएगा।
स्थानीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी
प्रेस वार्ता में बरकट्ठा विधायक अमित यादव भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन से स्थानीय स्तर पर खेलों को नई दिशा मिलेगी और युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखकर सकारात्मक रास्ते पर लाया जा सकेगा। सांसद ने क्षेत्रवासियों से अपील की, “मैं सभी खिलाड़ियों, अभिभावकों और खेलप्रेमियों से आग्रह करती हूँ कि वे इस महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और इसे ऐतिहासिक बनाएं। कोडरमा से फिटनेस और खेल भावना का संदेश पूरे भारत तक पहुंचना चाहिए।”
