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मोदी सरकार को लगा “सुप्रीम झटका”, दिल्ली में “आप” ही बॉस, अफसरों पर अब रहेगा केजरीवाल का कंट्रोल

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द फॉलोअप डेस्क
सुप्रीम कोर्ट से गुरुवार को केंद्र सरकार को सुप्रीम झटका लगा है। 11 मई को कोर्ट ने फैसला दिया कि दिल्ली में सरकारी अफसरों पर चुनी हुई सरकार का ही कंट्रोल रहेगा। 5 जजों की संविधान पीठ ने एक राय से कहा- पब्लिक ऑर्डर, पुलिस और जमीन को छोड़कर उप-राज्यपाल बाकी सभी मामलों में दिल्ली सरकार की सलाह और सहयोग से ही काम करेंगे। इस फैसले ये साफ हो गया कि आप ही बॉस है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक सह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सभी जजों को धन्यवाद देते हुए कहा कि दिल्ली के लोगों के साथ आज सुप्रीम कोर्ट ने न्याय किया। उन्होंने उप-राज्यपाल (एलजी) से निवेदन करते हुए कहा कि काम में टांग ना अड़ाएं। साथ ही ये ऐलान किया कि नाकाबिल और भ्रष्टाचारी अफसर हटाए जाएंगे। ईमानदारों को ऊंचे पदों पर बैठाएंगे। जनता का काम रोकने वाले अफसरों को अपने कर्म का फल भुगतना होगा।

अरविंद केजरीवाल के प्रेस कांफ्रेंस को 10 पॉइंट में समझें

सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर कई मायनों में ऐतिहासिक है। दिल्ली के लोगों की बहुत बड़ी जीत है।

- 14 फरवरी 2015 को हमारी सरकार के बनने के 3 महीने के भीतर ही प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार से एक आदेश पारित करवाया कि दिल्ली के सर्विसेस के मामले अब मुख्यमंत्री के पास नहीं रहेंगे।  मतलब यह हुआ कि दिल्ली में काम करने वाले IAS से लेकर चपरासियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग, अपॉइंटमेंट, पोस्ट बनाना इसका अधिकार दिल्ली सरकार के पास नहीं होगा। केंद्र या एलजी को अधिकार रहेगा

- मैं मुख्यमंत्री हूं और मेरे सामने कोई रिश्वत ले रहा है तो मैं उस पर एक्शन नहीं ले सकता। स्वास्थ्य और शिक्षा का सचिव कौन होगा, हम तय नहीं कर सकते थे। 8 साल में उक्त आदेश का इस्तेमाल करके दिल्ली के काम जानबूझकर रोका गया। ऐसे अफसरों को नियुक्त किया गया जो अड़ंगा लगाएं।

- दिल्ली के अंदर हम लोगों ने शानदार काम किया। आप सोच सकते हैं कि हमारे पास पूरी ताकत होती तो हम कितना ज्यादा काम कर सकते थे।

- दिल्ली का काम अब 10 गुना स्पीड से होगा। सबसे जरूरी है कि हमें ऐसा प्रशासन देना है, जो काम करे, जरूरतों के लिए संवेदनशील हो। अगले कुछ दिनों में बहुत बड़ा प्रशासनिक बदलाव होगा। कुछ कर्मचारी और अफसर हैं जिन्होंने दिल्ली की जनता के काम रोके, दवाइयां बंद करा दीं, पानी बंद करा दिया। ऐसे कर्मचारियों और अफसरों की पहचान करेंगे, उन्हें कर्मों का फल भुगतना पड़ेगा।

- व्यवस्था के अंदर जितनी कमियां हैं, उन्हें दूर करेंगे। पूरे सिस्टम, कर्मचारियों और अफसरों को जनता के लिए जिम्मेदार बनाया जाएगा। जैसे दिल्ली ने देश को शिक्षा और हेल्थ का मॉडल दिया, वैसे ही गवर्नेंस का मॉडल रखेंगे।

- ACB चुनी हुई सरकार के पास नहीं है, लेकिन विजिलेंस आ गया है। जो गलत काम करेंगे, भ्रष्टाचार करेंगे, उन पर हम एक्शन ले सकते हैं। LG के कई फैसले गलत हैं और कई मामले सुप्रीम कोर्ट में चल रहे हैं। अब लगता है कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अपने स्तर पर फैसला ले लेंगे।

- प्रधानमंत्री पिता समान होते हैं। परिवार में जैसे पिता का स्थान होता है। उसकी जिम्मेदारी होती है कि सारे बच्चों को सही तरह से पालन-पोषण करे। कोई मुसीबत आएगी तो उनसे मदद लेंगे।

- 2015 में हमारी ताकत छीन ली गई थी। आज सुप्रीम कोर्ट ने साबित कर दिया कि केंद्र सरकार का ऑर्डर गलत था। इतना गलत ऑर्डर पास करने का उनका मकसद दिल्ली की आम आदमी पार्टी को फेल करना था।

- एलजी से यही निवेदन है कि हमें काम करने दीजिए। अगर आपको दिल्ली पर राज करना है तो दिल्ली के लोगों का दिल जीतो ना कि लोग अगली बार आम आदमी को वोट ना दें, ऐसा काम करो।हमारे वाट्सअप ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें http://https://chat.whatsapp.com/EUEWO6nPYbgCd9cmfjHjxT