गिरिडीह
केंद्र सरकार द्वारा लाए गए खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के विरोध में गिरिडीह जिला कांग्रेस कमिटी की ओर से गुरुवार को शहर के टावर चौक पर एक दिवसीय महाधरना आयोजित किया गया। धरने में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और प्रस्तावित खनन कानून को झारखंड के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की गई। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार ने लोकसभा में नया खनन बिल पारित कर झारखंड के हितों पर कुठाराघात करने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नए कानून के जरिए देश के खनिज संसाधनों पर राज्यों के अधिकार को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसका सीधा असर झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्य की अर्थव्यवस्था और विकास योजनाओं पर पड़ सकता है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड की पहचान देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में होती है। राज्य में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट समेत कई खनिज संसाधन मौजूद हैं।

राजस्व हितों को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रावधान का कांग्रेस विरोध करेगी
इन संसाधनों से मिलने वाले राजस्व से राज्य में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल समेत विभिन्न विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं को गति मिलती है। ऐसे में खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकार और राजस्व हितों को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रावधान का कांग्रेस विरोध करेगी। धरना के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण बढ़ाने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि राज्य की खनिज संपदा यहां के लोगों और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए खनन से जुड़े कानूनों में बदलाव करते समय राज्यों के अधिकार और हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि MMDR बिल के खिलाफ पार्टी का आंदोलन केवल गिरिडीह तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड के तमाम जिलों में एक दिवसीय धरना आयोजित कर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जा रहा है। गिरिडीह जिला कांग्रेस प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के MMDR बिल के विरोध में प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर झारखंड के सभी जिलों में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है।

प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगी
उन्होंने कहा कि कांग्रेस झारखंड के अधिकारों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगी। धरना कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार को अन्य मुद्दों पर भी घेरा। नेताओं ने राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित चोरी का आरोप लगाते हुए इसकी जांच कराने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि सार्वजनिक स्तर पर लगाए जा रहे ऐसे आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। कार्यक्रम में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सह कोडरमा लोकसभा प्रभारी मणिशंकर, गिरिडीह जिला कांग्रेस प्रभारी सुरेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष सतीश केडिया, धनंजय सिंह, अनिल चौधरी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। धरना के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि झारखंड के जल, जंगल और जमीन के साथ-साथ राज्य की खनिज संपदा पर भी राज्य के हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस झारखंड के अधिकारों की लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक जारी रखेगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।