द फॉलोअप डेस्क
JLKM विधायक जयराम महतो की ओर से झारखंड पुलिस एसोसिएशन पर लगाए गए आरोपों के बाद एसोसिएशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया है। प्रदेश अध्यक्ष राहुल मुर्मू ने जयराम महतो के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यदि उनका उद्देश्य झारखंड पुलिस एसोसिएशन का अपमान करना था, तो यह उनकी वीडियो में साफ तौर पर दिखाई देता है। राहुल मुर्मू ने कहा कि बरवाअड्डा थाना कांड संख्या 146/2026, दिनांक 22 मई 2026 में दर्ज मामले को लेकर पुलिस एसोसिएशन ने धनबाद एसपी से पत्राचार किया है। उन्होंने कहा कि विधायक जयराम महतो समेत अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पांच दिनों के भीतर पूरी की जाएं। ऐसा नहीं होने पर एसोसिएशन ने राज्यभर के शाखा पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ आंदोलन करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन की ओर से इस पत्र की प्रतिलिपि राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्रियों, मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और डीजीपी को भी भेजी जा रही है, ताकि मामले में कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट रहे।

‘थाना प्रभारी की गरिमा को ठेस पहुंची तो रिकॉर्डिंग करना गलत कैसे?’
जयराम महतो की ओर से निजता और आर्टिकल 21 का हवाला दिए जाने पर राहुल मुर्मू ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 21 जीवन और गरिमा के अधिकार से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी थाना प्रभारी को फोन पर कथित तौर पर अपशब्द कहे गए और उन्होंने अपने बचाव में बातचीत रिकॉर्ड की, तो इसे निजता का उल्लंघन कैसे कहा जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी की गरिमा को ठेस पहुंचाने के बाद रिकॉर्डिंग सामने आने पर निजता के अधिकार की बात करना उचित नहीं है। राहुल मुर्मू ने झारखंड पुलिस एसोसिएशन पर नस्लीय भेदभाव और चुनिंदा पुलिसकर्मियों का पक्ष लेने के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने हजारीबाग में पुलिसकर्मी और अधिवक्ता के बीच हुए विवाद, महेश मुंडा से जुड़े मामले और बौखालो की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एसोसिएशन ने अलग-अलग मामलों में पुलिसकर्मियों के हित में आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन ने ऐतिहासिक घटनाओं को लेकर भी अपनी भूमिका पर विचार किया है और 1855 के संथाल विद्रोह से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भ में महेशलाल दत्त की भूमिका को लेकर पूर्व में माफी मांगी है।

‘सेलेक्टिव बातें नहीं, पूरे संदर्भ में बात करें’
राहुल मुर्मू ने जयराम महतो पर आरोप लगाया कि वे अपनी सुविधा के अनुसार निजता के अधिकार की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि जब विधायक अधिकारियों को फोन करते हैं और बातचीत के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते हैं, तब निजता के अधिकार की बात क्यों नहीं की जाती। उन्होंने जयराम महतो से कहा कि किसी भी मुद्दे पर ‘सेलेक्टिव’ तरीके से नहीं, बल्कि पूरे संदर्भ में बात करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने ‘इमोशनल इंटेलिजेंस’ के नाम पर लोगों को प्रभावित करने की राजनीति बंद करने की अपील की। पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष ने बालू विवाद को लेकर भी जयराम महतो पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों के तहत बरसात के दौरान बालू खनन और नदी से जुड़े कार्यों पर प्रतिबंध की स्थिति रहती है। ऐसे में आम लोगों को कथित तौर पर अवैध गतिविधियों के लिए उकसाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता भोली-भाली है और उसे उकसाने या भड़काने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने ‘क्रांति’ की अपील को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। राहुल मुर्मू ने अंत में जयराम महतो को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि गलत आरोप लगाने से बचें और किसी भी मुद्दे को पूरे संदर्भ में देखें। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी बात को बार-बार दोहराने से वह सच नहीं हो जाती।