जमशेदपुर:
टाटानगर रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह दर्दनाक हादसे में एक नाबालिग गंभीर रूप से झुलस गया। दरअसल, प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर खड़ी मालगाड़ी के ऊपर चढ़ने के दौरान वह हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया। घायल किशोर की हालत नाजुक बतायी जा रही है। घटना से संबंधित वीडियो भी सामने आया है जिसमें नाबालिग कुछ समय तक मालगाड़ी की छत पर बैठा हुआ नजर आता है। स्थानीय लोग और आरपीएफ जवान उसे लेटने को कहते हैं, लेकिन वह खड़ा होने का प्रयास करता है और हाईटेंशन तार की चपेट में आ जाता है। हाईटेंशन तार की चपेट में आते ही तेज झटके के साथ उसके पूरे शरीर में आग लग जाती है। यह देख प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोग दहशत में आ जाते हैं। अभी स्पष्ट नहीं है कि नाबालिग ने ऐसा क्यों किया।

25000 वोल्ट का था हाईटेंशन तार
हादसा सुबह करीब 10 बजे हुआ। जानकारी के अनुसार, करीब 15-16 वर्षीय अमित जैना प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर खड़ी एक मालगाड़ी के ऊपर अचानक चढ़ गया। मौके पर मौजूद यात्रियों और आरपीएफ जवानों ने उसे खतरे से आगाह करते हुए ट्रेन की छत पर लेट जाने को कहा। इस दौरान कुछ क्षण के लिए वह लेट भी गया, लेकिन फिर उठकर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगा। इसी दौरान वह ऊपर से गुजर रहे 25,000 वोल्ट के हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गया। करंट लगते ही उसके शरीर में आग लग गयी और वह छत पर ही गिर पड़ा।
इधर, घटना के बाद मौके पर मौजूद आरपीएफ जवानों ने तत्परता दिखाते हुए किशोर को नीचे उतारा और उसे तत्काल प्राथमिक उपचार देने के बाद एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

नाबालिग की मानसिक दशा ठीक नहीं
हादसे के बाद स्टेशन परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। रेल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घायल किशोर स्टेशन के आसपास रहता है और प्लेटफॉर्म पर प्लास्टिक की बोतलें आदि बीनते देखा जाता था। कुछ लोगों ने उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं होने की भी बात कही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
टाटानगर स्टेशन पर पहले भी हुआ हादसा
टाटानगर स्टेशन पर इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। 3 अप्रैल 2025 को एक अन्य किशोर मालगाड़ी पर चढ़ने के दौरान हाईटेंशन तार की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया था। उसे लंबे इलाज के बाद भी बचाया नहीं जा सका था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं। ऐसे में प्लेटफॉर्म पर कड़ी निगरानी, स्पष्ट चेतावनी संकेत और जागरूकता अभियान ही इस तरह के हादसों को रोकने में कारगर साबित हो सकते हैं।