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पेपर लीक का नेटवर्क झारखंड तक सीमित नहीं, SIT जांच में अहम तथ्य सामने आए- दीपिका पांडेय सिंह

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द फॉलोअप डेस्क, रांची:

JSSC-CGL समेत TDPL की सभी परीक्षाओं को रद्द करने के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के फैसले पर ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि छात्रों के आंदोलन ने एक बड़े बदलाव की शुरुआत की है। झारखंड इस बदलाव का मॉडल बनेगा। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि SIT की जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं, जिन्हें फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों ना हो, उनको बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि परीक्षा और पेपर लीक का नेटवर्क केवल झारखंड तक सीमित नहीं है। 

 

छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना गया
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि हमारी सरकार शुरू से ही छात्रों के प्रति संवेदनशील रही है। छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना गया है और आवश्यक फैसले लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी छात्रहित में समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि जांच प्रभावित नहीं हो, इसलिए फिलहाल SIT के फाइंडिंग्स को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी की जांच में जुटी  CID ने अब तक 20 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें JPSC के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांगते, TDPL के डायरेक्टर रामवीर सिंह, परीक्षा माफिया अभय कुमार तिवारी, आयोग की उप-पऱीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता और सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य का पीए बीएन राम शामिल है। 

पेपर लीक का नेटवर्क झारखंड तक सीमित नहीं
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि परीक्षा और पेपर लीक का नेटवर्क केवल झारखंड तक सीमित नहीं है, इसलिए 2014 से अब तक की परीक्षा व्यवस्था की कमियों  और अनियमितताओं की समीक्षा होगी और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि झारखंड अब ऐसा परीक्षा सुधार मॉडल बनाएगा, जहां पेपर लीक और हेरा-फेरी की कोई जगह ना हो। हर छात्र को निष्पक्ष अवसर मिले और उसकी योग्यता एवं मेहनत का सम्मान हो। 
 

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