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जामताड़ा के मिहिजाम रेलवे फाटक के पास घिसी चाबी और ढीले लॉक से हुआ मोपेड कन्फ्यूजन, पुलिस ने कराई गाड़ियों की अदला-बदली

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​जामताड़ा 
मिहिजाम रेलवे फाटक के पास एक अजीबोगरीब मामला सामने आया,जिसने फिल्म की कहानी याद दिल दी। यहाँ दो एक जैसी दिखने वाली गाड़ियों और पुरानी घिसी हुई चाबियों ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी कि एक शख्स अनजाने में दूसरे की मोपेड लेकर अपने घर चलता बना। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी ने इस 'कन्फ्यूजन' भरे मामले को चंद घंटों में ही सुलझा लिया।​क्या था पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, रेलवे फाटक के पास दो मोपेड खड़ी थीं, जो रंग-रूप में बिल्कुल एक जैसी थीं। पोखरतल्ला निवासी पवन कुमार सोनी वहां पहुंचे और अपनी धुन में चाबी लगाकर मोपेड स्टार्ट की और घर निकल गए। उन्हें इस बात का ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था कि वह जो गाड़ी चला रहे हैं, वह उनकी नहीं बल्कि नंद लाल प्रसाद साव की है (गाड़ी संख्या: JH 21K 0125)। उधर, जब नंद लाल अपनी मोपेड लेने पहुँचे, तो गाड़ी गायब देख उनके होश उड़ गए। उन्होंने बिना देर किए इसकी सूचना मिहिजाम पुलिस को दी।

​पुलिस की जांच और 'ट्विस्ट'
​थाना प्रभारी प्रदीप राणा और एएसआई जहांगीर अंसारी की टीम जब घटनास्थल पर पहुंची, तो उन्हें वहां एक अन्य मोपेड (JH 21F 8315) लावारिस हालत में मिली। पुलिस ने जब इस गाड़ी के कागजात खंगाले, तो पता चला कि यह पवन सोनी की है। जब पुलिस पवन के घर पहुँची, तो सारा माजरा साफ हो गया। पवन चोर नहीं थे, बल्कि अनजाने में गलत गाड़ी ले आए थे।घिसे ताले-चाबी से हुआ कन्फ्यूजन
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि दोनों मोपेड के लॉक और चाबियां काफी घिस चुकी थीं। घिसावट की वजह से ताले इतने ढीले हो गए थे कि एक की चाबी से दूसरी गाड़ी का लॉक आसानी से खुल गया। थाना प्रभारी ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर कागजी औपचारिकताएं पूरी कीं और उनकी गाड़ियां अदला-बदली करवाईं। पुलिस ने दोनों को हिदायत दी है कि वे तुरंत लॉक बदलवा लें ताकि भविष्य में ऐसी गफलत न हो।

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