केतवारी/बोकारो:
झारखंड के प्रवासी मजदूर सत्येंद्र महतो की सऊदी अरब में सड़क हादसे में मौत हो गई। 41 साल का सत्येंद्र, वहां हमद सालेह अल-काफ कॉन्ट्रैक्टिंग एस्टैब्लिशमेंट कंपनी में ट्रक चालक था। घरवालों ने सरकार से सत्येंद्र का शव वापस घर लाने की गुहार लगाई है। सत्येंद्र महतो 26 नवंबर 2024 को सऊदी अरब गया था और 25 जून 2026 को उसकी एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। सत्येंद्र अपने पीछे 21 साल का बेटी प्रीति और 2 बेटों अरविंद और मंगेश को छोड़ गया है।

बोकारो के केतवारी में रहता है परिवार
सत्येंद्र का परिवार बोकारो जिला के चतरोचट्टी थानाक्षेत्र अंतर्गत केतवारी में रहता है। रविवार को प्रवासी श्रमिकों के हित में काम करने वाले सिकंदर अली सत्येंद्र के घर पहुंचे और परिवार वालों को ढांढ़स बंधाया। सिकंदर अली ने कहा कि झारखंड के प्रवासी श्रमिक की विदेश में मौत का यह पहला मामला नहीं है। अक्सर विदेश में भारतीय श्रमिकों की मौत, बंधुआ बनने या फंस जाने का मामला सामने आता है।

इन जिलों से जाते हैं सबसे ज्यादा प्रवासी
गौरतलब है कि रोजगार की तलाश में विदेश जाने वाले प्रवासी मजदूरों की सबसे ज्यादा संख्या बोकारो, हजारीबाग और गिरिडीह जिले की है। मृतक सत्येंद्र की भाभी ने भी रोते हुए सरकार के सामने मांग रखी है कि सत्येंद्र का पार्थिव शरीर वापस लाया जाए, ताकि उनका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया जा सके। परिवार, काफी हद तक सत्येंद्र की कमाई पर निर्भर था। अब 3 बच्चे भी अनाथ हो गये हैं। परिजनों ने मुआवजे की भी मांग की है।

स्थानीय स्तर पर युवाओं को मिले रोजगार
परिजनों के अलावा प्रवासी श्रमिकों के हित में काम करने वाले सिकंदर अली ने कहा कि यदि सरकार स्थानीय स्तर पर ही युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराएगी तो उन्हें विषम परिस्थितियों में विदेश में काम करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।