रांची
राहे अंचल और प्रखंड कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितता के खिलाफ झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (सिल्ली विधान) के बैनर तले आज एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन हुआ। कार्यक्रम का नेतृत्व केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी देवेंद्र नाथ महतो ने किया। भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी डटे रहे।
देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया कि अंचल और प्रखंड कार्यालयों में बिचौलियों का दबदबा है। आम लोगों के लिए बीडीओ और सीओ से मिलना बेहद कठिन हो गया है। हर छोटे-बड़े काम के लिए बिचौलियों का सहारा लेना पड़ता है। जमीन संबंधी कार्यों में अनावश्यक दांव-पेंच किए जाते हैं और फिर वसूली की जाती है। सरकारी योजनाओं में भी पारदर्शिता नहीं है और लाभुकों को समय पर भुगतान नहीं मिलता।
धरना के दौरान सीओ के बिना वार्ता किए लौटने की खबर से प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। नारेबाजी करते हुए वे ब्लॉक कार्यालय के अंदर घुस गए। इसके बाद सीओ को वापस आकर वार्ता करनी पड़ी।

प्रदर्शनकारियों ने 11 सूत्री मांग पत्र सौंपा, जिसमें प्रमुख मांगें थीं—
1. प्रत्येक माह ग्रामसभा का संचालन।
2. प्रखंड कार्यकारिणी बैठक में ग्राम प्रधान और वार्ड सदस्यों की अनिवार्य भागीदारी।
3. किसानों को सरकारी दर पर यूरिया उपलब्ध कराना।
4. अवैध बालू खनन पर रोक।
5. वर्षा से हुई क्षति का मुआवजा तत्काल भुगतान।
6. हाथी, सांप, भालू और बिजली दुर्घटना से हुई क्षति का मुआवजा।
7. जाति, आय, स्थानीय, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र समय पर निर्गत करना।
8. जमीन सुधार, खाता, रकवा, पंजी टू और खारिज दाखिल का समय पर निपटारा।
9. मजदूरों की सूची में नाम, आधार और खाता संख्या सार्वजनिक करना।
10. आवास, कुआं, तालाब, दीदी बाड़ी आदि योजनाओं का भुगतान समय पर करना।
11. राशन कटौती बंद करना।
महतो ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन जारी रहेगा।
धरना स्थल पर बीडीओ अशोक कुमार और सीओ क्रिस्टीना ऋचा इंदवार पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने संयुक्त रूप से मांग पत्र स्वीकार किया और 15 दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
इस मौके पर सैकड़ों लोग मौजूद थे। प्रमुख रूप से सुशीला देवी, प्रखंड अध्यक्ष सुभाष महतो, बुद्धिजीवी मोर्चा अध्यक्ष बिनोद महतो, उमेश महतो, नागेश्वर महतो, रंजीत महतो, सुधीर, नरेश, हरेन, शुभम, अनंत, अनिल, सनातन और प्रकाश शामिल थे।
