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मानसून सत्र को जनोपयोगी बनाएं विधायकः स्पीकर

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द फॉलोअप, रांची
स्पीकर रबींद्र नाथ महतो ने कहा है कि अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा का प्रमुख दायित्व कानून निर्माण, राज्य के वित्तीय प्रबंधन और कार्यपालिका को जनता के प्रति जवाबदेह बनाना है। इसी उद्देश्य से सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया जाएगा तथा पांच कार्य दिवस प्रश्नकाल के लिए निर्धारित किए गए हैं, ताकि जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब लिया जा सके। उन्होंने बताया कि 12 अगस्त को गैर-सरकारी सदस्यों के कार्य के लिए समय निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि पीआरएस के अध्ययन के अनुसार वर्ष 2025 में देश की विधानसभाओं की औसत बैठक अवधि 24 दिन रही, जबकि झारखंड विधानसभा पिछले वर्ष 30 दिनों तक संचालित हुई, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इसे उन्होंने सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी और संसदीय प्रतिबद्धता का परिणाम बताया। वह मानसून सत्र शुरू होने पर गुरुवार को अपना प्रारंभिक अभिभाषण पढ़ रहे थे।

अध्यक्ष ने अपने प्रारंभिक अभिभाषण में सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए छह दिवसीय सत्र को लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप सार्थक, गरिमामय और जनोन्मुख बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 6 से 12 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र से राज्य की जनता को अनेक अपेक्षाएं हैं और सदन को उन अपेक्षाओं पर खरा उतरना होगा। अध्यक्ष ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक चुनौतियों के इस दौर में झारखंड के विकास, कृषि, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण जैसे विषयों पर गंभीर एवं रचनात्मक चर्चा की आवश्यकता है। उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों से लोकतांत्रिक मर्यादा का पालन करते हुए तथ्यपूर्ण बहस, सकारात्मक सहयोग और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मानसून सत्र सफल, परिणाममुखी और जनकल्याणकारी सिद्ध होगा।
 

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