द फॉलोअप डेस्क:
पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि सुंदरगढ़ जिले के के. बालंग पुलिस स्टेशन इलाके में सिलकुटा रिजर्व फॉरेस्ट से माओवादियों का छिपाया हुआ हथियारों का जखीरा बरामद किया गया। यह बरामदगी माओवादियों के खिलाफ चलाए गए एक बड़े ऑपरेशन के दौरान हुई। यह ऑपरेशन डिस्ट्रिक्ट वॉलंटरी फोर्स (DVF) और बॉम्ब डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS) की संयुक्त टीम ने चलाया। यह कार्रवाई सरेंडर करने वाले नक्सलियों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर की गई। तलाशी और इलाके में दबदबा बनाने के ऑपरेशन के दौरान, सुरक्षा टीम को हथियारों, गोला-बारूद, विस्फोटकों, कम्युनिकेशन उपकरणों और माओवादी कैंप से जुड़ी अन्य सामग्रियों का छिपाया हुआ जखीरा मिला।

तलाशी में ये आर्म्स मिले हैं
राउरकेला पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जब्त की गई चीजों में एक AK-47, एक CM 9mm 1A1 कार्बाइन, एक IED कंटेनर, 15 डेटोनेटर, दो मैगज़ीन, एक सिलिंग, एक मोटोरोला वॉकी-टॉकी, 9mm बॉल एम्युनिशन के 20 राउंड, एक Kaiweets KM100 डिजिटल मल्टीमीटर और एक बैटरी चार्जर शामिल हैं। एक वॉकी-टॉकी फ्रीक्वेंसी डिवाइस और दो वॉकी-टॉकी पाउच भी बरामद किए गए। इस ऑपरेशन को माओवादी नेटवर्क को खत्म करने और छिपाकर रखे गए ऑपरेशनल सामान को बरामद करने की चल रही कोशिशों में एक बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है।
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राउरकेला और झारखंड पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन के तहत कामयाबी
यह काम राउरकेला और झारखंड पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन के तहत किया गया। राउरकेला के SP नितेश वाधवानी ने आधिकारिक ‘X’ हैंडल पर जानकारी दी, “आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से हुई विस्तृत पूछताछ में माओवादियों के एक छिपे हुए डंप (सामान रखने की जगह) के बारे में जानकारी मिली थी। इसके आधार पर, DVF और BDDS की एक संयुक्त टीम ने K. बालंग पुलिस स्टेशन के तहत सिलकुटा रिज़र्व फ़ॉरेस्ट में तलाशी अभियान चलाया।” वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आगे बताया, “अभियान के दौरान, संयुक्त टीम को माओवादियों का चार साल पुराना छिपाया हुआ डंप मिला। इसमें हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक, संचार उपकरण और माओवादी कैंप से जुड़ी अन्य चीज़ें थीं।”

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