गिरिडीह
गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड के तिरला पंचायत निवासी प्रवासी मजदूर महेश रविदास (45 वर्ष) की शनिवार सुबह मुंबई में इलाज के दौरान मौत हो गई। महेश रविदास, स्वर्गीय दासो रविदास के पुत्र थे। मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। महेश रविदास अपने पीछे पत्नी अम्बिया देवी, पुत्र अनोज कुमार (21 वर्ष) तथा दो पुत्री प्रीति कुमारी (20 वर्ष) और प्रियंका कुमारी (17 वर्ष) को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए महेश ही एक महत्वपूर्ण सहारा थे। उनकी मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी गहरा गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रवासी मजदूरों के हित में लगातार काम करने वाले सिकंदर अली महेश रविदास के घर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।
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रोजी-रोटी की तलाश में मुंबई गए थे
उन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया तथा संबंधित विभाग एवं प्रशासन से आवश्यक पहल करने की बात कही। परिजनों एवं ग्रामीणों ने महेश रविदास के शव को मुंबई से उनके पैतृक गांव सुरक्षित लाने, परिवार को सरकारी नियमानुसार उचित मुआवजा एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा यदि मृत्यु से जुड़े किसी प्रकार के श्रम, रोजगार या अन्य कानूनी मामले बनते हों तो परिवार को आवश्यक कानूनी सहायता दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों में जाने वाले प्रवासी मजदूरों की असमय मौत की स्थिति में उनके परिवार को सरकारी स्तर पर त्वरित सहायता मिलनी चाहिए, ताकि अंतिम संस्कार के साथ-साथ परिवार को आगे का जीवन संभालने में भी मदद मिल सके।
