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शिक्षा की लौ जलाकर ग्रामीण बच्चों की जिंदगी रौशन कर रहे गिरिडीह के लालजीत

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गिरिडीह: 

पंचायत अटकी के बंगाली टोला में एक शिक्षक की सकारात्मक पहल बच्चों के बीच शिक्षा की अलख जगा रही है। यहां करीब 40 बच्चे नियमित रूप से ट्यूशन क्लास में पढ़ाई कर रहे हैं। खास बात यह है कि बच्चों को पढ़ाने वाले लालजीत रजक खुद भी पढ़ाई कर रहे हैं और रेलवे की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं।

महज 100 रुपये फीस लेते हैं लालजीत
लालजीत रजक बच्चों से मात्र 100 रुपये मासिक शुल्क लेते हैं। उनका उद्देश्य सिर्फ ट्यूशन के जरिए आय अर्जित करना नहीं, बल्कि गांव के बच्चों को बेहतर बुनियादी शिक्षा उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि अगर बच्चों की नींव मजबूत होगी, तो वे आगे चलकर बेहतर शिक्षा हासिल कर सकेंगे और अपने परिवार के साथ-साथ गांव का नाम भी रोशन करेंगे।

गांव के बच्चों को पढ़ाना लालजीत को पसंद
लालजीत कहते हैं कि वह खुद अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के साथ बच्चों को समय देते हैं, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी पढ़ाई का बेहतर अवसर मिल सके। उनका सपना है कि गांव का हर बच्चा शिक्षित हो और शिक्षा के माध्यम से गांव का विकास हो। फिलहाल यह ट्यूशन क्लास बिहार सरकार के समय बनाए गए सामुदायिक भवन में संचालित हो रही है। भवन अब धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होता जा रहा है, जिससे बच्चों की पढ़ाई के लिए बेहतर और सुरक्षित स्थान की जरूरत महसूस हो रही है।

सामुदायिक भवन में बच्चों की होती है पढ़ाई
स्थानीय लोगों का कहना है कि लालजीत की यह पहल सराहनीय है। यदि सामुदायिक भवन की मरम्मत करा दी जाए या बच्चों के लिए उचित शैक्षणिक व्यवस्था उपलब्ध करा दी जाए, तो इस छोटी-सी पहल को और मजबूती मिल सकती है। अपने भविष्य की तैयारी के साथ दूसरों का भविष्य संवारने की लालजीत की कोशिश ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के प्रति एक प्रेरणादायक उदाहरण बन रही है।

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