द फॉलोअप डेस्क:
आज अबुआ अधिकार मंच के किसलय ने केरल सचिवालय स्थित कार्यालय में राज्य के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन और पर्यावरण, ऊर्जा एवं संसदीय कार्य मंत्री सन्नी जोसफ से मुलाक़ात की। किसलय ने दोनों से मिलकर मंच की स्मारिका भेंट की। अबुआ अधिकार मंच की गतिविधियों से मुख्यमंत्री और पर्यावरण मंत्री को अवगत करवाया। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने कहा कि केरल विकास के पथ पर अग्रसर है और पर्यावरण संरक्षण को विकास लक्ष्यों का अभिन्न अंग माना जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल विकास मॉडल को नए स्वरूप को साकार करने का प्रयास कर रही है।

स्थानीय स्तर पर जल उपलब्ध कराना जरूरी
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने कहा कि विझिंजम अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह में राज्य के विकास की अपार संभावनाएं हैं। राज्य में शुरू की गई नई परियोजनाओं के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब परियोजनाएं साकार हो जाएं तो वहां त्रुटिरहित अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली सुनिश्चित की जाएगी। सीएम ने बताया कि पर्यावरण, जल क्षेत्र और अपशिष्ट प्रबंधन सहित विभिन्न अभियानों सहित हरित केरलम मिशन द्वारा किए गए कार्यों से राज्य में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर जल उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है और यह सराहनीय है कि 673 ग्राम पंचायतों ने इसे ध्यान में रखते हुए जल बजट तैयार किया है।

हरित नगरों और पर्यटन केंद्रों का विस्तार जरूरी
गौरतलब है कि अपशिष्ट मुक्त नए केरल जन अभियान के तहत कई बदलाव किए गए हैं। इसके अंतर्गत बनाए गए हरित नगरों और हरित पर्यटन केंद्रों का पूरे राज्य में विस्तार किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल स्रोतों को बहाल करके और शुद्ध जल की उपलब्धता सुनिश्चित करके तीन वर्षों के भीतर टैंकर ट्रकों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।
पर्यावरण के अलावा केरल में सहकारिता समूह के क्रियाकलाप और गतिविधि पर सकारात्मक चर्चा हुई। केरल के विकास और वित्तीय सुधार में सहकारिता समूह का एक प्रमुख योगदान है। मंत्री जोसेफ़ ने अबुआ अधिकार मंच को अपने उद्देश्य में सफल होने की शुभकामना दी।