द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
खूंटी जिले में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं में कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। झारखंड छात्र संघ ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2022-23 में आदिवासी समुदाय के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई योजनाओं में नियमों की अनदेखी की गई। बिना काम पूरा किए और अधूरे कार्यों की गलत रिपोर्टिंग के आधार पर संवेदकों को पूर्णता प्रमाणपत्र जारी कर सरकारी राशि का भुगतान किया गया। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने 3 अक्टूबर 2026 को कांके स्थित विश्वा सभागार में पेयजल मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो की जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक से पहले ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

लांदुप पंचायत में 82 योजनाएं स्वीकृत, केवल 7 पूरी होने का दावा
झारखंड छात्र संघ के केंद्रीय अध्यक्ष एस. अली ने मंत्री को बताया कि खूंटी प्रखंड की लांदुप पंचायत के क्लस्टर-8B में 16 गांवों के लिए कुल 82 ग्रामीण जलापूर्ति योजनाएं स्वीकृत थीं। इन गांवों में चोनदोरो, दाखिला, दुल्ली/दुलमी, जोजोहातु, करेटुमडीह, किर्रा, कटुद, लांदुप, लोटोर, नचितोला, पात्रा टोली, पीरीहातु, रंगरूम, रंगाडीह, सिरलेम और उतरांग शामिल हैं। संघ के अनुसार, विभागीय फाइलों और पोर्टल पर 38 योजनाओं को पूर्ण दिखाया गया है, जबकि वास्तविकता में केवल 7 योजनाएं पूरी हुई हैं। वहीं, 8 योजनाओं में पहुंच पथ नहीं बनाए जाने के कारण संरचनाएं अनुपयोगी हैं और शेष 67 योजनाएं अधूरी हैं।

अधूरी योजनाओं के लिए 3.50 करोड़ रुपये भुगतान का आरोप
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि क्लस्टर-8B में अधूरे कार्यों के बावजूद संबंधित ठेकेदार को 3.50 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। संघ ने खूंटी जिले के क्लस्टर-8A, 9A, 9B, 10A, 10B और 11A में भी इसी तरह की अनियमितताओं का दावा किया है। ज्ञापन के अनुसार, इन क्लस्टरों में भी अधूरी योजनाओं के लिए राशि जारी की गई। संघ ने कहा कि नियमानुसार थर्ड पार्टी निरीक्षण (TPIA) और स्थल सत्यापन के बाद ही कार्य पूरा होने पर भुगतान किया जाना चाहिए, लेकिन संबंधित अभियंताओं ने नियमों और सरकारी निर्देशों की अनदेखी की।

अभियंताओं और संवेदकों की भूमिका पर सवाल
झारखंड छात्र संघ ने इस कथित गड़बड़ी में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल खूंटी के तत्कालीन कनीय अभियंता रामजी प्रसाद, सहायक अभियंता राम सुंदर राम, कार्यपालक अभियंता सुरेंद्र कुमार दिनकर तथा एजेंसी से जुड़े संवेदक सरोज नारायण प्रसाद सिंह और समीर सौरव की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। संघ का आरोप है कि अधूरे कार्यों के लिए पूर्णता प्रमाणपत्र जारी कर संवेदकों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया और सरकारी राशि का दुरुपयोग हुआ। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, पेयजल मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना और कार्रवाई का भरोसा दिया। झारखंड छात्र संघ ने योजनाओं की निष्पक्ष जांच, स्थल सत्यापन और जिम्मेदार अधिकारियों तथा संवेदकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।