हजारीबाग
हजारीबाग के चर्चू प्रखंड में ग्रामीण फेलोशिप कर रहे केरल के एक युवक के लिए गुरुवार का दिन राहत भरी खबर लेकर आया। कुछ महीने पहले पटना में एक बैठक में शामिल होने जा रहे युवक का बस स्टैंड के पास मोबाइल फोन स्नैचिंग हो गया था। मोबाइल उसके NGO कार्यालय की ओर से दिया गया था, लिहाजा फोन जाने के बाद वह काफी तनाव में था। इस घटना के बाद युवक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन दिन बीतते गए और करीब दो महीने तक मोबाइल वापस मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आई। युवक ने लगभग मान लिया था कि दूसरे प्रदेश में आकर खोया फोन अब शायद कभी वापस नहीं मिलेगा।

उम्मीद नहीं थी फोन वापस मिल पाएगा
इसी बीच करीब दो महीने बाद पुलिस का फोन आया और बताया गया कि उसका गुम हुआ मोबाइल बरामद हो गया है। मोबाइल हाथ में आते ही युवक की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। युवक ने झारखंड पुलिस और हजारीबाग जिला प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि उसे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि उसका फोन वापस मिल पाएगा। उसने कहा कि वह दूसरे प्रदेश से यहां आया है, और उसे लगता था कि फोन चला गया तो शायद कभी नहीं मिलेगा, लेकिन झारखंड पुलिस ने तकनीक और मेहनत के जरिए उसका मोबाइल वापस दिला दिया। युवक ने झारखंड के लोगों की भी जमकर तारीफ की। उसने कहा कि यहां के लोगों ने उसे अपनापन दिया और मोबाइल की बरामदगी ने झारखंड को लेकर उसकी सोच को और मजबूत किया है।

ऑपरेशन भरोसा के तहत 65 लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल फोन वापस सौंपे
वहीं हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक (SP) अमन कुमार ने बताया कि ऑपरेशन भरोसा के तहत आज 65 लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल फोन वापस सौंपे गए हैं। पुलिस की इस पहल से लोगों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने की स्थिति में लोग इंतजार न करें, बल्कि तत्काल संबंधित थाने में इसकी सूचना दें। इसके साथ ही ऑनलाइन माध्यम से भी पुलिस प्रशासन को जानकारी दें, ताकि तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल कर मोबाइल को ट्रेस और बरामद करने की कार्रवाई की जा सके। एक मोबाइल की बरामदगी सिर्फ एक फोन की वापसी नहीं, बल्कि उस भरोसे की वापसी है, जो दूसरे प्रदेश से आए इस युवक ने झारखंड पुलिस पर खो दिया था और आज वही भरोसा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होकर लौटा है।