द फॉलोअप डेस्क
कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू पांच दिनों के दौरे पर रांची पहुंच गए हैं। इस दौरान उनका फोकस विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) अभियान पर रहेगा। वह राजधानी समेत ग्रामीण इलाकों में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे। पार्टी की कोशिश है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से न हटे। इसी उद्देश्य से कांग्रेस ने पूरे राज्य में करीब 23 हजार बूथ लेवल एजेंट (BLA) तैनात किए हैं, जो मतदाताओं को जरूरी प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग करेंगे। दौरे के दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी उनके साथ रहेंगे।राज्यसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस संगठन का मनोबल बढ़ाना भी इस दौरे का अहम उद्देश्य माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और आगामी चुनावी तैयारियों को मजबूत करने की रणनीति पर काम करेगा। माना जा रहा है कि के. राजू अपने दौरे के दौरान संगठन की जमीनी स्थिति का भी आकलन करेंगे और कार्यकर्ताओं से सीधे फीडबैक लेंगे।

राज्यसभा चुनाव की हार पर भी रहेगी नजर
राज्यसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस लगातार राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रही है। सत्ता गठबंधन की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद उम्मीदवार की हार ने संगठन के भीतर कई सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि क्या के. राजू अपने इस दौरे के दौरान चुनावी हार की समीक्षा करेंगे और भविष्य की रणनीति पर पार्टी नेताओं के साथ मंथन करेंगे।

हार के बाद सहयोगी दलों पर लगाए थे आरोप
राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद के. राजू ने हार के लिए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और वाम दलों को जिम्मेदार ठहराया था। उनका आरोप था कि गठबंधन के कुछ विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की या जानबूझकर अपने मत अमान्य कराए। हालांकि उन्होंने झामुमो को इस मामले में जिम्मेदार नहीं माना था। इसके बाद राजद और वाम दलों की ओर से भी के. राजू के नेतृत्व पर सवाल उठाए गए और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। ऐसे में उनका यह झारखंड दौरा संगठनात्मक और राजनीतिक, दोनों ही दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।