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पाकुड़ दौरे पर बोले जस्टिस संजय प्रसाद– 'जेल केवल दंड की जगह नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र होना चाहिए'

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पाकुड़
झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संजय प्रसाद ने आज पाकुड़ जिले का विस्तृत दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जिला कारागार और सिविल कोर्ट का सघन निरीक्षण करने के साथ-साथ रविंद्र भवन में आयोजित विधिक जागरूकता कार्यक्रम में भी शामिल हुए। न्यायमूर्ति ने जेल की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने, महिला बंदियों की समस्याओं के समाधान, और बच्चों के सुरक्षित भविष्य पर विशेष जोर देते हुए कहा कि कारागार केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र होना चाहिए।
महिला बंदियों से किया संवाद, समस्याओं को गंभीरता से सुना
उन्होंने जेल का दौरा कर वार्डों, बैरकों, अस्पताल, किचन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बंदियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को देखा। साथ ही, जेल अस्पताल में इलाज व दवाओं की स्थिति जांची। उन्होंने प्रशासन से बंदियों की शिक्षा, पीने के पानी, फोन और स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा की। न्यायमूर्ति संजय प्रसाद ने महिला बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं को गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने बंदियों को आश्वस्त किया कि उनकी जायज मांगों एवं समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक पहल की जाएगी।


महिला बंदियों के बच्चों के बीच फुटबॉल एवं किड्स वियर का किया वितरण
न्यायमूर्ति ने महिला बंदियों के बच्चों के बीच फुटबॉल एवं किड्स वियर का वितरण किया। इस अवसर पर बच्चों एवं महिलाओं के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने कहा कि बच्चों का बचपन सुरक्षित एवं खुशहाल होना चाहिए तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए संवेदनशील होकर कार्य करने की आवश्यकता है। 
मुलाकाती केंद्र में लीगल एड हेल्प डेस्क का भी किया उद्घाटन
निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति ने कारागार प्रशासन को बंदियों की मूलभूत सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवा एवं सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कारागार केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार एवं पुनर्वास का केंद्र भी होना चाहिए। उन्होंने बंदियों के पुनर्वास, शिक्षा एवं मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया तथा संबंधित अधिकारियों को संवेदनशीलता एवं मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।वहीं सिविल कोर्ट कभी निरीक्षण किया तथा अधिवक्ताओं से बैठक कर समस्या के बारे में जाना। साथ ही साथ जिला विधिक सेवा अधिकार पाकुड़ द्वारा सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन रविंद्र भवन, टाउन हॉल पाकुड़ में किया गया, जहां लाभुकों के बीच विभिन्न प्रकार की परिसंपत्तियां वितरित की गईं। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिवाकर पांडे, उपायुक्त मेघा भारद्वाज, पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह, जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी सौरभ चंद्रा, जेल अधीक्षक, जेलर दिलीप कुमार सहित अधिवक्ता गण व अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। 

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