पलामू
JPSC-JSSC में धांधली के खिलाफ छात्रों के जारी आंदोलन के बीच प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने बड़ा बयान दिया है। बंधु तिर्की ने कहा है कि JSSC-CGL के तहत चयनित कर्मियों की जांच होने तक वेतन को रोका जाए साथ ही उनसे काम नहीं लिया जाए। उन्होंने मांग की है कि जांच के बाद गलत तरीके से चयनित कर्मियों को बर्खास्त की जाए और मेरिट से नियुक्त हुए कर्मियों को ही नौकरी पर रखा जाए। बंधु तिर्की ने कहा है कि छात्र JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे है। पूरे मामले को लेकर सरकार गंभीर है, अभी तक सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा के साथ-साथ, 2023 और 2025 बैकलॉग परीक्षा को रद्द करने की घोषणा किया है।कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने आगे कहा कि छात्रों के साथ सरकार लगातार बातचीत कर रही है।

CGL से चयनित कर्मियों का तीन महीने तक वेतन को रोक के रखे
सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा को तीन महीने में न्यायिक जांच पूरी करने की बात कही है, छात्र-छात्राओं को यह सोचना चाहिए कि सरकार इसको लेकर कितना गंभीर है। राज्य सरकार छात्रों के लिए CGL से चयनित कर्मियों का तीन महीने तक वेतन को रोक के रखे। वहीं बंधु तिर्की ने छात्रों के द्वारा किए गये विधानसभा घेराव के दौरान हुए लाठीचार्ज पर कहा कि उस दौरान लॉ एंड ऑर्डर को ध्यान में रखते हुए हल्का बल का प्रयोग किया गया। दरअसल इन दिनों बंधु तिर्की पलामू प्रमंडल के इलाके में परिसीमन को लेकर दौरा कर रहे है। इसी क्रम उन्होंने पलामू सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार परिसीमन करें। वह इसका विरोध ही नहीं है, लेकिन आदिवासियों के सीट को नहीं घटाया जाए। जो जानकारी मिल रही है कि परिसीमन के अनुसार छह से सात सीटों को घटाया जा रहा है। यह सही नहीं है, आदिवासी चुप नहीं बैठेंगे 30 अगस्त को रांची में आदिवासियों का महाजुटान होगा।
