द फॉलोअप डेस्क
प्रोजेक्ट भवन का दरवाजा JSSC-CGL पास अभ्यर्थियों के लिए बंद कर दिए गए। कल तक जिन युवाओं के पास सरकारी नौकरी थी, जो प्रोजेक्ट भवन में सचिवालय कर्मचारी के रूप में सेवाएं दे रहे थे, आज वे बाहर सड़क पर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। सरकार द्वारा JSSC-CGL परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले के बाद पास-आउट अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। प्रोजेक्ट भवन के बाहर जुटे अभ्यर्थियों ने सरकार की इस कार्रवाई को पूरी तरह गलत करार दिया है। प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना है कि उन्होंने कड़ी मेहनत और लंबी चयन प्रक्रिया के बाद यह सफलता हासिल की थी। कई अभ्यर्थी ऐसे भी हैं, जिन्होंने केंद्र सरकार और दूसरे राज्यों की पक्की नौकरियां छोड़कर झारखंड की सेवा करने के इरादे से यहां नौकरी ज्वाइन की थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि अब परीक्षा रद्द होने के बाद उनका भविष्य अनिश्चित हो गया है।

एक झटके में सचिवालय से सड़क पर आ गए
एक व्यथित अभ्यर्थी ने कहा कि कल तक वे इसी इमारत के अंदर बैठकर सरकारी काम निपटा रहे थे और उन्हें सचिवालय कर्मी का दर्जा मिला हुआ था। लेकिन आज बिना कोई ठोस वजह बताए और उनका पक्ष सुने बिना सरकार ने उनकी नौकरी रद्द करने की बात कह दी। अभ्यर्थी ने कहा कि एक झटके में उन्हें सचिवालय से सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया गया है। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी सरकार से अपने भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट करने और उनके पक्ष पर विचार करने की मांग कर रहे हैं।