रांची
झारखंड में जेएसएससी सीजीएल (JSSC CGL) परीक्षा को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता अमर कुमार बाउरी ने मंगलवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि जिस परीक्षा में उन्होंने पहले ही पेपर लीक की आशंका जताई थी, वही अब सीआईडी (CID) की जांच में प्रमाणित हो चुकी है।
अमर बाउरी ने कहा, “हमने परीक्षा के तुरंत बाद ही इस बात को उठाया था कि पेपर लीक हुआ है और कुछ खास लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए पूरी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया है। आज सीआईडी की जांच रिपोर्ट भी यही साबित कर रही है। इस पूरे मामले में सत्ता संरक्षण में कुछ बड़े लोगों को बचाने का प्रयास किया गया।”

उन्होंने कहा कि इस गंभीर मामले का संज्ञान अब झारखंड उच्च न्यायालय ने भी लिया है। कोर्ट ने इस पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच को एक स्वतंत्र अधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि यह छात्रों के भविष्य की रक्षा और दोषियों को बेनकाब करने की दिशा में एक अहम कदम है।
अमर बाउरी ने मांग की कि इस मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से करवाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “यदि जांच सीबीआई से हो, तो कई सफेदपोश लोगों के नाम सामने आएंगे जो अब तक सत्ता के संरक्षण में छुपे हुए हैं।”
भाजपा नेता का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य सरकार पहले से ही इस परीक्षा को लेकर विपक्ष के निशाने पर है। लाखों परीक्षार्थियों की मेहनत पर सवाल उठने के बाद, अब निगाहें अदालत और जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
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