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JSLPS : पलाश शहद बाजार श्रृंखला का शुभारंभ, 4 जिलों के 10 प्रखंडों की महिला दीदी कर रही हैं मधुमक्खी पालन

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रांची 
शहद उत्पादन में राष्ट्रीय पहचान बनाने की सोच के साथ झारखंड ने कदम बढ़ाया है। JSLPS के नए उत्पाद के तौर पर पलाश शहद की एंट्री हुई है। पहले चरण में पलाश शहद की तीन वैरायटी को बाजार में लॉन्च किया गया है, जो बाजार में मेलिफेरा शहद, सेरेना प्रीमियम शहद और जंगली वन शहद के नाम से उपलब्ध रहेगी। रांची जिले के इटकी प्रखंड अंतर्गत लुपुंग गांव में राज्य की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने पलाश शहद बाजार श्रृंखला का शुभारंभ किया। इस मौके पर JSLPS के सीईओ अनन्य मित्तल विशेष रूप से मौजूद रहे। झारखंड मधु आजीविका किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड (FPO) से जुड़ी दीदियों ने JSLPS के सहयोग से आजीविका के क्षेत्र में यह नई शुरुआत की है।

क्या बताया मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने 

इस मौके पर विभागीय मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड के जंगलों और सुदूर ग्रामीण इलाकों में तैयार शुद्ध प्राकृतिक शहद का कोई जोड़ नहीं है। आज बाजार में लोग शहद खरीदने से पहले सौ बार सोचते हैं कि कहीं वे मिलावटी उत्पाद की खरीद तो नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ-साथ अपने गांव, अपने जंगल और अपनी प्रकृति की गोद में मधुमक्खी पालन कर ग्रामीण इलाकों से होने वाले पलायन को बहुत हद तक रोका जा सकता है। इसके लिए दीदियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। पलाश शहद की बेहतर पैकेजिंग भी उसकी गुणवत्ता और शुद्धता का प्रमाण है। यहां ऐसे लोग भी मौजूद हैं, जो पिछले 50 वर्षों से मधुमक्खी पालन कर रहे हैं। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि विभाग की तरफ से महिलाओं को दो-दो मधुमक्खी बॉक्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं, पर गांव की महिलाएं ऋण लेकर अतिरिक्त बॉक्स में भी मधुमक्खी पालन कर रही हैं।

बुजुर्ग महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की सलाह

यह भविष्य में शहद क्रांति की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि गांव-घर की बुजुर्ग महिलाओं को आजीविका से जोड़ने में मधुमक्खी पालन बेहतर अवसर हो सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन  भी बुजुर्ग महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की सलाह दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि मईयां सम्मान योजना ने राज्य की महिलाओं के सामने स्वरोजगार के अनगिनत विकल्प दिए हैं। राज्य की महिलाएं इसका लाभ भी ले रही हैं। इस मौके पर JSLPS के सीईओ अनन्य मित्तल ने कहा कि मधुमक्खी पालन से जुड़ी दीदियों के उत्साह को देखकर अच्छा लगता है। वे मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में न सिर्फ बेहतर काम कर रही हैं, बल्कि इससे जुड़ी हर जानकारी भी रखती हैं। भविष्य में मधुमक्खी पालन से 9 हजार महिलाओं को जोड़ने की योजना है। इसके साथ ही शहद से जुड़े दूसरे उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे। इस मौके पर पूनम देवी, ममता देवी, मालो देवी, संजो देवी, संध्या देवी, अर्चना देवी के अलावा संजय दास, विनोद पांडेय, अभिषेक चांद और नितेश कुमार सिन्हा मौजूद रहे।

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