रांची:
JSCA स्टेडियम में 9 अक्तूबर को भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच को लेकर तैयारियां तेज हो गयी हैं। करीब 39,500 दर्शकों की क्षमता वाले स्टेडियम में इस बार कॉम्प्लिमेंट्री यानी फ्री पास की संख्या सीमित रखने की तैयारी है। जेएससीए करीब 3,800 पास ही वितरित करने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। यह स्टेडियम की कुल दर्शक क्षमता का करीब 9.6 प्रतिशत है। यानी बीसीसीआई की तय सीमा के भीतर ही पास वितरण रखने की कोशिश की जा रही है। इस फैसले का असर वीआईपी-वीवीआईपी, जेएससीए के सदस्यों, विभिन्न संस्थाओं, संघों, मीडिया, अतिथियों और अन्य श्रेणियों को मिलने वाले कॉम्प्लिमेंट्री पास पर पड़ सकता है। पिछली बार की तुलना में इस बार पास की संख्या काफी कम होगी। 30 नवंबर 2025 को भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच हुए वनडे मैच के दौरान करीब 10 हजार कॉम्प्लिमेंट्री पास बांटे गये थे। ऐसे में इस बार लगभग 3,800 पास तक संख्या सीमित रखने की तैयारी को पास वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

बीसीसीआई के नियम के मुताबिक 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकते फ्री पास
बीसीसीआई के नियम के मुताबिक किसी अंतरराष्ट्रीय मैच में कॉम्प्लिमेंट्री या फ्री पास की संख्या कुल सिटिंग कैपेसिटी के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। जेएससीए स्टेडियम की क्षमता करीब 39,500 है। इस हिसाब से अधिकतम करीब 3,950 कॉम्प्लिमेंट्री पास की सीमा बनती है। जेएससीए की ओर से करीब 3,800 पास बांटने का प्रस्ताव इसी निर्धारित सीमा के अंदर है। पास की संख्या सीमित होने के कारण इस बार सभी श्रेणियों के लिए पहले की तरह पास उपलब्ध कराना संभव नहीं होगा। जेएससीए को अलग-अलग वर्गों के लिए कोटा निर्धारित कर उसी के आधार पर अंतिम सूची तैयार करनी होगी।
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पूरी कमेटी संभालेगी पास मैनेजमेंट
इस बार पास वितरण की जिम्मेदारी किसी एक व्यक्ति को देने के बजाय पूरी जेएससीए कमेटी संभालेगी। जेएससीए अध्यक्ष अजयनाथ शाहदेव के नेतृत्व में कमेटी पास मैनेजमेंट की निगरानी करेगी। इसके लिए जेएससीए में पहले से मौजूद पास की सूची को भी रिवाइज किया जा रहा है। श्रेणीवार कोटा तय होने के बाद अंतिम सूची तैयार की जायेगी। इसमें वीआईपी, वीवीआईपी, संघ के सदस्य, मीडिया, विभिन्न संस्थाओं, अतिथियों और अन्य निर्धारित श्रेणियों के लिए अलग-अलग संख्या तय की जायेगी।
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किन-किन लोगों पर पड़ेगा पास की कमी का असर?
कॉम्प्लिमेंट्री पास की संख्या कम किये जाने से कई श्रेणियों में मिलने वाले पास प्रभावित हो सकते हैं। इनमें मुख्य रूप से
वीआईपी और वीवीआईपी
जेएससीए एवं संबद्ध संघों के सदस्य
मीडिया
विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि
अतिथि
अन्य कॉम्प्लिमेंट्री पास पाने वाले लोग
शामिल हैं। अंतिम कोटा तय होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किस श्रेणी को कितने पास मिलेंगे।
पिछले मैच में उठे थे पास वितरण पर सवाल
पास की संख्या सीमित करने का फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब पिछले भारत-दक्षिण अफ्रीका वनडे मैच के बाद टिकट और पास वितरण व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। 30 नवंबर 2025 को हुए उस मैच के दौरान बड़ी संख्या में कॉम्प्लिमेंट्री पास बांटे जाने को लेकर आपत्तियां सामने आयी थीं। जेएससीए के एक निष्कासित सदस्य एसबी सिंह ने फ्री पास वितरण में कथित अनियमितता का आरोप लगाते हुए रांची एसएसपी से शिकायत की थी। उनका दावा था कि स्टेडियम की क्षमता के मुकाबले बड़ी संख्या में फ्री पास बांटे गये। वहीं, अधिवक्ता धीरज कुमार की ओर से भी टिकट वितरण में कथित गड़बड़ी और दर्शकों को हुई परेशानी का मुद्दा उठाया गया था। इन मामलों में टिकट और पास वितरण व्यवस्था की जांच की मांग की गयी थी। इन घटनाओं के बाद पास वितरण की पारदर्शिता को लेकर जेएससीए पर सार्वजनिक दबाव भी बढ़ा था। ऐसे में इस बार सीमित पास, श्रेणीवार कोटा और सामूहिक निगरानी के जरिए व्यवस्था को अधिक नियंत्रित रखने की तैयारी की जा रही है।
टिकटिंग और एक्रिडिटेशन के लिए टेंडर, क्राउड मैनेजमेंट पर जोर
भारत-वेस्टइंडीज मैच को लेकर जेएससीए ने टिकटिंग और एक्रिडिटेशन के लिए टेंडर भी जारी किया है। इसका उद्देश्य टिकट बिक्री, पास, एक्रिडिटेशन और स्टेडियम में प्रवेश की व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित करना है। पिछले मैचों के दौरान भीड़ और प्रवेश व्यवस्था को लेकर सामने आये अनुभवों को देखते हुए इस बार क्राउड मैनेजमेंट पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कोशिश है कि टिकट और पास रखने वाले दर्शकों को स्टेडियम में प्रवेश के दौरान अनावश्यक परेशानी न हो और पूरे मैच के दौरान सुरक्षा एवं भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था बेहतर रहे।