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JPSC रिजल्ट पर आजसू ने उठाए सवाल, पूछा- अनारक्षित 50 सीटों पर PT उत्तीर्ण 1122 अभ्यर्थियों में हरियाणा-यूपी के 418 कैसे?

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रांची 

चौदहवीं जेपीएससी पीटी के परिणाम को लेकर आजसू पार्टी  ने आयोग पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पार्टी के पूर्व विधायक सह केंद्रीय महासचिव लंबोदर महतो एवं महासचिव संजय मेहता ने आयोग पर कई आरोप लगाए। आजसू पार्टी ने पीटी परिणाम का कोटिवार कट ऑफ जारी करने की माँग की है। साथ ही आयोग से परिणाम की वैधानिकता को स्पष्ट करने को कहा है। जब तक परिणाम की वैधानिक स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती तब तक मेन्स की परीक्षा पर रोक लगाने की माँग पार्टी ने की है। पूरे मामले की सीबीआई जाँच की भी माँग पार्टी ने की है। पार्टी के महासचिव सह पूर्व विधायक लंबोदर महतो ने कहा की आयोग की कार्यशैली से स्पष्ट परिलक्षित होता है की परिणाम पारदर्शी नहीं है। कट ऑफ जारी करने में आयोग को क्या परेशानी है। मीडिया रिपोर्टों में आयोग पर बड़े आरोप लगे लेकिन अब तक आयोग ने इसपर कोई स्थिति स्पष्ट नहीं की है। 

परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी का संबंध हरियाणा से

पार्टी के महासचिव सह हज़ारीबाग़ लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी संजय मेहता ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट में यह बात आई है कि परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी का संबंध हरियाणा से है। 50 अनारक्षित सीटों पर 1122 लोगों का परिणाम पीटी में जारी किया गया है। जिसमें 418 लोग हरियाणा एवं यूपी के हैं। इस बिंदु पर भी आयोग स्थिति को स्पष्ट करे।  झारखंड लोक सेवा आयोग यह स्पष्ट करे की कुल रिक्त पदों के आलोक में पीटी परीक्षा में कितने प्रतिशत अधिक अभ्यर्थियों का परिणाम जारी किया जाता है। आयोग एसटी, एससी, ओबीसी वन, ओबीसी टू एवं ईडब्लूएस का कट ऑफ जारी करते हुए यह स्पष्ट करे की सभी कोटि का कट ऑफ कितना है। जिसका कोटि में जो कट ऑफ जारी हो उन सभी अभ्यर्थियों की उत्तर कुंजी को सार्वजनिक किया जाए। ताकि अन्य अभयर्थी अपने परिणाम की तुलना जारी कट ऑफ से कर सकें। 

आयोग के सदस्यों की परिणाम को लेकर सहमति नहीं

परीक्षा और परिणाम को जारी करने का काम एजेंसी को दे दिया गया है। क्या एजेंसी के बनाये परिणाम पर सदस्यों की आपत्ति के बावजूद परिणाम जारी किया जा सकता है। जब आयोग के सदस्यों की परिणाम को लेकर सहमति नहीं है फिर यह परिणाम की वैधानिकता पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है। अभ्यर्थियों के इन सारे सवालों का जवाब आयोग दे।  संजय मेहता ने कहा कि 103 रिक्त पदों पर कुल 2204 लोगों का पीटी में परिणाम जारी हुआ है लेकिन कुछ अभ्यर्थियों का ओएमआर सीट सोशल मीडिया पर वायरल है। जिसपर अभ्यर्थियों का यह आरोप है कि कम प्रश्नों को हल करने के बावजूद भी कुछ अभ्यर्थियों का चयन पीटी में हुआ है। क्रम बद्ध तरीके से 832 अभ्यर्थियों का परिणाम पीटी में नहीं है। यह क्यों हुआ है। क्या यह महज़ संयोग है। अभ्यर्थी उपस्थित नहीं रहे। या उनका चयन नहीं हुआ एम। इन 832 अभ्यर्थियों के बारे में स्थिति को स्पष्ट किया जाए। 

आयोग एसओपी के अनुसार  स्थिति को स्पष्ट करे

पीटी की परीक्षा के कितने दिनों बाद मेन्स की परीक्षा आयोजित की जानी होती है। आयोग एसओपी के अनुसार इस स्थिति को स्पष्ट करे। मेन्स की परीक्षा के लिए फॉर्म भरने के 7 दिनों का वक़्त। 16 वें दिन मेन्स की परीक्षा को आयोजित किया जाना व्यवहारिक नहीं है। आयोग मेन्स की परीक्षा तब तक न आयोजित करे जब तक पीटी को लेकर सभी बिंदुओं पर स्थिति न स्पष्ट हो जाती हो।  आयोग एक कॉमन कट ऑफ नहीं बल्कि कोटिवार कट ऑफ को तुरंत जारी करे। इससे पूर्व सहायक लोक अभियोजक की परीक्षा में भी ऐसा ही विवाद सामने आया था। 11 वीं से 13 वीं जेपीएससी में आरटीआई और कोर्ट के आदेश के बाद भी अभ्यर्थियों के कॉपी को सार्वजनिक नहीं किया गया। 

ये मुद्दे भी उठाये 

आयोग पारदर्शिता की कसौटी पर पूरी तरह विफल साबित हुआ है। आजसू पार्टी ने यह भी सवाल उठाया की सरकार अफसरों की नियुक्ति प्रक्रिया को उलझाकर कम अफसरों के साथ प्रशासनिक व्यवस्था संचालित करने का फैसला कैबिनेट से लेती है जो अत्यंत हास्यास्पद है। 107 प्रखण्डों में बीडीओ- सीओ में कोई एक ही रहेगा यह कहना सरकार की बड़ी लापरवाही को परिलक्षित करता है। आजसू पार्टी ने कहा की हम जेपीएससी के मुद्दे पर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। इस मुद्दे पर पार्टी अब चुप नहीं बैठेगी। छात्रों का सपना था की अब तक 25 जेपीएससी की परीक्षा आयोजित हो। दुर्भाग्य से यह झारखंड में नहीं हो पाया। सरकार इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए। अधिक से अधिक परीक्षा सरकार अधियाचना के आलोक में आयोजित करे। इस अवसर पर पार्टी के केंद्रीय मीडिया संयोजक परवाज खान एवं रांची जिला उपाध्यक्ष सह रिसर्च स्कॉलर अमित साहू भी उपस्थित थे।


 

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