logo

JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार से मांगा जवाब

SC3.jpg

द फॉलोअप डेस्क
JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सख्त रुख अपनाया। CBI जांच की मांग को लेकर दायर याचिका पर अदालत ने झारखंड सरकार और JPSC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की खंडपीठ ने की। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और मनन मिश्रा ने अदालत को बताया कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्र एक महीने से अधिक समय से सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। याचिकाकर्ता के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया था, लेकिन झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार के इस फैसले पर तुरंत रोक लगा दी। वकीलों का यह भी तर्क था कि राज्य सरकार अप्रत्यक्ष रूप से हाईकोर्ट में दी गई चुनौती का समर्थन कर रही है। याचिकाकर्ता की ओर से मांग की गई कि पूरे मामले की जांच राज्य पुलिस से लेकर CBI को सौंपी जाए। वैकल्पिक तौर पर किसी सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराने का सुझाव भी दिया गया। हालांकि, CJI सूर्यकांत ने इस सुझाव को स्वीकार नहीं किया और स्पष्ट कहा कि किसी पूर्व न्यायाधीश को जांच संभालने के लिए नहीं कहा जा सकता।

The Followup के WhatsApp ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें:

 


JPSC से न्यायिक भर्ती परीक्षा पर CJI ने पूछा सवाल
सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने एक अहम सवाल भी पूछा। उन्होंने जानना चाहा कि क्या झारखंड में न्यायिक भर्ती की परीक्षाएं भी JPSC की ओर से आयोजित की जाती हैं। इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने हां में जवाब दिया। इसके साथ ही याचिका में यह भी कहा गया है कि केवल परीक्षा रद्द कर देने से पूरी व्यवस्था में सुधार नहीं आएगा। याचिकाकर्ता का कहना है कि निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के लिए मामले को राज्य पुलिस से CBI को ट्रांसफर करना जरूरी है। यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन की ओर से अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से दायर की गई है।


OMR, CCTV और सर्वर लॉग सुरक्षित रखने की मांग
याचिका में धांधली से जुड़े सभी भौतिक और डिजिटल साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित रखने की भी मांग की गई है, ताकि जांच के दौरान किसी तरह की छेड़छाड़ न हो सके। इसमें अभ्यर्थियों की मूल OMR कार्बन कॉपी, CCTV फुटेज और सर्वर ऑडिट लॉग समेत अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग शामिल है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इन साक्ष्यों के सुरक्षित रहने से कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच संभव होगी। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार और JPSC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, जिसके बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी।

 

Tags - JPSC JSSC JPSC Scam Supreme Court Jharkhand Government CBI Investigation