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HC में सरकार का पक्ष नहीं रखने का आरोप, JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने कहा- छात्रों के साथ हुआ धोखा; कल शुक्रवार को पुतला दहन

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रांची
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने प्रेस वार्ता कर झारखंड सरकार पर छात्रों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया है। मंच के नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि झारखंड के छात्र पिछले 26 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने और भूख हड़ताल पर थे। हमारी मांग सभी अनियमितताओं पर लगाम लगाने की थी। कई मांगों को लेकर हम धरना दे रहे थे। CGL को लेकर भी मांग थी कि परीक्षा रद्द हो और CBI जांच हो। TDPL द्वारा ली गई सभी परीक्षाएं रद्द हों और अश्विनी तिवारी की संलिप्तता वाली परीक्षाओं में CBI जांच हो और उन्हें रद्द किया जाए। रविंद्र पासवान ने कहा कि झारखंड सरकार ने 22 परीक्षाओं को रद्द किया। हमें लगा कि सरकार ने हमारी बातें मान ली हैं। CBI जांच के लिए सरकार तैयार नहीं थी। हमने कहा कि न्यायिक जांच कराई जाए। हमने सरकार को 2 महीने का समय दिया और अपना आंदोलन स्थगित किया। हमने यह सोचा कि झारखंड सरकार की मंशा छात्रों के साथ है। उन्होंने कहा कि आज कोर्ट में पता चला कि सरकार ने झारखंड के छात्रों को धोखा दिया है। रविंद्र पासवान ने कहा कि हम चाहें तो कल लाखों छात्रों को रांची बुला सकते हैं और दो महीने पहले भी आंदोलन शुरू कर सकते हैं। उन्होंने ऐलान किया कि कल झारखंड के 24 जिलों में JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया जाएगा।


26 दिनों से शांतिपूर्ण आंदोलन 
कुणाल प्रताप ने कहा कि JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच पिछले 26 दिनों से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहा था, लेकिन इसके बदले हमें सिर्फ धोखा मिला है। उन्होंने कहा कि आज सरकार की तरफ से हाईकोर्ट में झारखंड के महाधिवक्ता आए ही नहीं। सरकारी वकील ने एक शब्द भी नहीं बोला। इसे धोखा ना कहा जाए तो क्या कहा जाए। उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्रों के इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर AG आए ही नहीं। हमारे आंदोलन को खत्म करने का यह जाल था। सरकार ने मामले को डिफेंड ही नहीं किया। आगे आने वाले मामलों में भी सरकार का वही रवैया होगा। कुणाल प्रताप ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि TDPL से जुड़े जितने भी परीक्षा कार्य हैं, उन्हें रद्द किया जाता है। इन सभी परीक्षाओं में धांधली हुई है।


झारखंड में बच्चे भोले हैं

कुणाल प्रताप ने कहा कि झारखंड में बच्चे भोले हैं। वे बोलकर गए कि ‘हेमंत है तो हिम्मत है।’ लेकिन आज उनके किए के अनुसार यह कहने में मुझे दिक्कत नहीं कि ये झूठ है।’ उन्होंने कहा कि CBI जांच को लेकर सरकार यह कहती आई कि यह राजनीतिक है, लेकिन हमने इससे बैक किया। CID ने क्या किया, यह किसी से छुपा नहीं है। इसके बावजूद हमने फिर से सरकार पर भरोसा किया, लेकिन हमें लगातार धोखा मिल रहा है। कुणाल प्रताप ने कहा कि झारखंड में छात्र कल के कल लाखों की संख्या में रांची आ सकते हैं। कोर्ट में सरकार के वकील तो बोल ही नहीं पा रहे हैं। अगर कोर्ट में सरकार का पक्ष संदेहास्पद लगा तो दो महीने से पहले हमारा आंदोलन शुरू होगा।


आगे क्या करेंगे 
पीयूष सिंह ने कहा कि कोर्ट में सरकार की ओर से कुछ भी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द झारखंड में उलगुलान और संपूर्ण क्रांति होगी। अब हम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की भी मांग करेंगे। वहीं, कुणाल प्रताप ने कहा, “मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, अगर आप शेरदिल सोरेन हैं तो आप ED और CBI जांच दे दें। अभी तक तो अधियाचना भी वापस नहीं हुई है।”
उन्होंने कहा कि हमें इस बात का अंदेशा था, लेकिन हमारे पास कोई विकल्प नहीं था। हम सरकार पर विश्वास रखकर आंदोलन से उठे थे। उन्होंने कहा कि चयनित कर्मियों और छात्रों को बांटने का काम किसने किया, यह समझना होगा। मंच के नेताओं ने कहा कि सरकार के इस रवैये के खिलाफ आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा और छात्रों को फिर से संगठित किया जाएगा।

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