रांची
दिल्ली में वंशवाद, जातिवाद, एनजीओ और टुकड़े-टुकड़े गैंग के नाम पर राजनीति करनेवाले कांग्रेस, झामुमो, राजद, आप और वामदल जैसी पार्टियां नीट के मामले में आंदोलन का ढोंग कर रहे हैं। ये बातें झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा। उन्होंने सवाल किया कि झारखंड के मामले में कौन जवाब देगा। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में अभी जो भ्रष्टाचार के मामले सामने आये हैं, उस पर राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस पार्टी क्यों चुप है। वे झारखंड में जिम्मेवारों से इस्तीफा क्यों नहीं मांग रहे हैं। रघुवर दास ने कहा कि झारखंड ने एक साथ नौ प्रतियोगिता परीक्षा को स्थगित करने का रिकार्ड बनाया है। राज्य के युवाओं के साथ यह क्रूर मजाक है।

झारखंड सरकार की कार्यशैली भी अजीब
झारखंड सरकार की कार्यशैली भी अजीब है। 19 जुलाई को क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा होनी थी। कई छात्रों को परीक्षा खत्म होने के बाद प्रवेश पत्र (ADMIT CARD) डाउनलोड करने का लिंक मिला। संथाली भाषा के प्रश्नपत्र में 100 में से 40 से अधिक प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर से पूछे गये थे। उन्होंने आगे कहा कि झारखंड में JSSC और JPSC की परीक्षाओं के पेपर लीक, परीक्षा में धांधली समेत अनेक अनियमितताओं के कई प्रमाण मीडिया ने सार्वजनिक किए। छात्रों और भाजपा ने आंदोलन भी किया, पर राज्य सरकार कार्रवाई करने की जगह दोषियों को बचाने में लगी है। पहले भी राज्य सरकार द्वारा बिना तैयारी के आनन-फानन में आयोजित की गई उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के दौड़ में 12 आदिवासी-मूलवासी झारखंडी युवाओं की असमय मौत हुई और सैकड़ों युवा गंभीर रूप से घायल हए।

धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मांगने वाले अपने गिरेबान में क्यों नहीं झांख रहे
नीट यूजी पेपर लीक मामले को आधार बनाकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मांगने वाले अपने गिरेबान में क्यों नहीं झांख रहे। जो लोग उनका इस्तीफा मांग रहे हैं, उन्हें झारखंड सरकार द्वारा युवाओं के साथ किए जा रहे अन्याय को एक बार देख लेना चाहिए। 14वें JPSC पीटी परीक्षा के लिए पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में ब्लैक लिस्टेड प्राइवेट एजेंसी (TDPL) को जेपीएससी द्वारा वन टाइम रजिस्ट्रेशन से लेकर अंतिम रिजल्ट प्रोसेसिंग तक के 8 कार्य की जिम्मेदारी दी गयी। मेरी जानकारी में इस एजेंसी को झारखंड में 2025 में JSSC द्वारा भी ब्लैक लिस्टेड किया गया है। इसके बावजूद इसे JPSC में कैसे काम मिला, इसकी भी सीबीआई जांच होनी चाहिए।

झारखंड में भी CBI जांच होनी चाहिए
पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार का हवाला देते हुए कहा कि छात्र हित को देखते हुए जिस प्रकार केंद्र सरकार ने नीट यूजी पेपर लीक मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सीबीआई जांच के आदेश दिये। 13 आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी हुई। उसी तरह झारखंड सरकार को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। झारखंड में भी CBI जांच होनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ही कैबिनेट में पेपर लीक के खिलाफ कड़े कानूनों की घोषणा की है। इसमें 10 साल की कड़ी सजा और 10 करोड़ रुपये की पेनाल्टी का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से जल्द से जल्द सुनवाई पूरी कर आरोपियों को सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार ने जून, 2026 में नीट यूजी के दोबारा परीक्षा आयोजित कर रिजल्ट को पारदर्शी ढंग से प्रकाशित किया और छात्र अपने सफलता से खुश हैं।

समाधान संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव
केंद्र सरकार गड़बड़ियों पर कार्रवाई कर रही है और व्यवस्था को दुरुस्त कर रही है। तो वही, झारखंड सरकार पर्दा डालकर दोषियों को ही बचाने में लगी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय पार्टियों की पीठ पर सवार होनेवाली कांग्रेस और वाम दलों में जरा सी भी नैतिकता और गंभीरता बची है तो वो जिस प्रकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े है, वे सरकार से समर्थन वापस लेने का हिम्मत दिखाये। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी विषय का समाधान संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव है। केंद्र सरकार देश की सर्वोच्च पंचायत संसद में सार्थक और विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। यदि विपक्ष वास्तव में छात्रों के हितों के प्रति गंभीर है, तो उसे चर्चा और समाधान का मार्ग अपनाना चाहिए, न कि चर्चा से भागना चाहिए। यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध हैं और हमारे युवाओं के भविष्य के साथ भी अन्याय हैं।
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राजनीतिक उकसावे में न आएँ
रघुवर दास ने सवाल किया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस मामले में गांधी घाट गये थे। मीडिया में दिखा रहे हैं कि उन्हें काफी सदमा लगा है। झारखंड के युवाओं का दर्द उन्हें क्यों नहीं दिखता है। मैं झारखंड सरकार से मांग करता हूं कि उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के दौड़ में मारे गये छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिले। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सभी छात्र-छात्राओं से आग्रह करते हुए कहा कि वे किसी भी राजनीतिक उकसावे में न आएँ। अपने उज्ज्वल भविष्य, शिक्षा और करियर को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें। देश का भविष्य आपके ज्ञान, परिश्रम और सकारात्मक सोच से ही सुरक्षित और सशक्त बनेगा।