द फॉलोअप, रांची
झामुमो ने केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा और राज्य सभा से पारित कराए गए खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 का विरोध किया है। झामुमो ने कहा कि संशोधन विधेयक बगैर चर्चा कराए पांच मिनट में ही पारित करा लिया गया।उन राज्यों को विश्वास में नहीं लिया गया, जो इससे प्रभावित होंगे। ना तो इसके पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव का ही अध्ययन कराया गया। झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि अब हजारों करोड़ रुपए के राजस्व की होने वाली हानि की भरपाई कौन करेगा। जमीन हमारी, उससे खनिज निकाली जाएगी और धूल हम फांकेंगे।
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उन्होंने इस कानून के विरुद्ध चरणबद्ध आंदोलन की भी घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि JMM और इसके कार्यकर्ता किसी भी हद तक जाएंगे। पहले जन जागरण, फिर आंदोलन और ज़रूरत पड़ी तो आर्थिक नाकेबंदी करेंगे। इसलिए केंद्र सरकार झामुमो को 1980 के दशक में जाने को मजबूर न करें। आर्थिक नाकेबंदी के दौरान झामुमो यहां से किसी भी तरह का खनिज संपदा बाहर नहीं जाने देगा।

विनोद पांडेय ने कहा कि उनकी हमारी लड़ाई उद्योग, खनन और निवेश के ख़िलाफ़ नहीं है। हमारी लड़ाई संविधान प्राप्त अधिकार की रक्षा की है। इसकी भरपाई कैसे होगा। केंद्र को ये बताना होगा। झारखंड का पंद्रह हज़ार करोड़ का नुक़सान होगा। एक लाख चालीस हज़ार करोड़ पहले से बकाया है। हमारे हक़ अधिकार का फ़ैसला केंद्र में बैठे लोग दिल्ली में करेंगे ये मान्य नहीं है। यह सीधे तौर पर झारखंड के हाथ पैर काटने जैसा फ़ैसला है। मइयाँ सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना बंद होने के कगार पर आ जाएगी।
