द फॉलोअप डेस्क, रांची:
JPSC-JSSC नियुक्ति घोटाले में CBI जांच को लेकर बीजेपी के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा की वरिष्ठ नेत्री चमेली देवी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी छात्रों की आड़ में अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन की तलाश कर रही है और इस कड़ी में वो राजनीतिक शुचिता एवं सकारात्मक राजनीति की तितांजलि भी दे रही है। राज्य सरकार ने पूरे छात्र आंदोलन के दौरान एक सकारात्मक रूख अख्तियार किया था। चमेली देवी ने कहा कि छात्रों के प्रतिनिधि और राज्य सरकार के बीच बातचीत कर समन्वय बनाकर पूरे मामले पर एक निराकरण के लिए सहमति से निर्णय लिया गया जिसका परिणाम हुआ कि छात्रों की मांग पर TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया और उसके बाद छात्र आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लोगो ने आंदोलन वापस भी ले लिया।

राजनीतिक लाभ के लिए छात्रों को गुमराह किया
झामुमो नेत्री ने कहा कि बीजेपी जो झारखंड में सियासी हाशिये पर है वो इस निर्णय से पुनः राजनीतिक रूप से बेरोजगार हो गई और अब इस पूरे राजनीतिक ड्रामा में सिर्फ़ और सिर्फ़ भारतीय जनता पार्टी के नेता है और इनके प्रदर्शन में ना कोई छात्र जुड़े है और ना इनकी मंशा छात्रों के साथ खड़े होने की है। बीजेपी बस अपना राजनीतिक लाभ लेने के लिए छात्रों को गुमराह कर रही हैं। जामताड़ा के बीजेपी के कार्यक्रम पर आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि डॉ रविंद्र राय एक वरिष्ठ नेता है और शिक्षित होने के नाते उनसे उम्मीद थी कि वो ऐसे संवेदनशील मामले में अपनी पार्टी को सलाह देंगे लेकिन जामताड़ा में बीजेपी की बंजर भूमि में फ़िज़ूल मेहनत करते उन्हें देख दुख होता है।
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सुदिव्य कुमार सोनू के जाने से संकट में राज्य!
चमेली देवी ने कहा कि राज्य अभी संकट के दौर से गुज़र रहा है, छात्रों और सरकार के बीच के मुख्य समन्वयक के रूप में काम करने वाले राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री सुदिव्य सोनू असमय हमारे बीच से चले गए, कई महत्वपूर्ण विभागों का दायित्व उनके पास था और छात्रों का मामला भी उनके देख रेख में निष्पादित हो रहा था उनके आकस्मिक निधन से ना सिर्फ सरकार बल्कि राज्य में एक संकट खड़ा हुआ है और ऐसी परिस्थितियों में जब बीजेपी को एक सहयोगात्मक विपक्ष के रूप में आगे आना चाहिए था पर बीजेपी के कुछ अतिमहत्वकांक्षी नेता सारे सियासी परंपराओं को तोड़ कर नीचता की राजनीति कर रही हैं।