द फॉलोअप डेस्क
तारा शाहदेव उत्पीड़न मामले में मंगलवार को CM हेमंत सोरेन की ओर से जेएमएम के रांची जिला अध्यक्ष मुश्ताक आलम ने गवाही दी। रांची सीबीआई कोर्ट के विशेष न्यायाधीश प्रभात कुमार शर्मा की अदालत में के दौरान बचाव पक्ष की ओर से सीबीआई कोर्ट में गवाही दर्ज हुई। जिसमें मुख्यमंत्री की ओर अधिकृत गवाह के तौर जेएमएम के रांची जिलाध्यक्ष ने अदालत को बताया कि इफ्तार पार्टी के लिए मुख्यमंत्री आवास से निमंत्रण पत्र जारी होता है। उन्होंने कहा कि रंजीत कोहली जो आमंत्रण पत्र दिखा रहा है। वह सही है। हालांकि, उन्होंने किसी रकीबुल हसन को पहचानने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं किसी रकीबुल हसन को नहीं जानता हूं। जिलाध्यक्ष की गवाही के संबंध में अधिवक्ता मुमताज ने बताया कि मुख्यमंत्री रांचीमें नहीं है। इसलिए उनकी जगह पर अधिकृत रूप से जिला अध्यक्ष कोर्ट में प्रस्तुत हुए और गवाही दी।

रंजीत ने गवाह में दिया था सीएम का नाम
तारा शाहदेव मामले के मुख्य आरोपी रंजीत सिंह कोहली ने बचाव पक्ष के रूप में जिन गवाहों की सूची कोर्ट को दी थी उनमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का नाम भी शामिल था। जिसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सीबीआई कोर्ट ने लेटर जारी किया था। रांची सीबीआई कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की अदालत ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को तारा शाहदेव से जुड़े यौन उत्पीड़न केस की सुनवाई में गवाह के रूप में 16 मई को उपस्थित होने का निर्देश दिया था। मालूम हो कि सीबीआई की ओर से 26 गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है। अब बचाव पक्ष को अपना साक्ष्य प्रस्तुत करना है। इस मामले में रंजीत कोहली के अलावा उसकी मां कौशल रानी एवं झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार (निगरानी) मुश्ताक अहमद ट्रायल फेस कर रहे है।

2015 में सीबीआई ने दर्ज की थी प्राथमिकी
रंजीत कोहली और तारा शाहदेव की शादी सात जुलाई 2014 को हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही मारपीट एवं उत्पीड़न की घटनाएं होने लगी। इस मामले में शिकायत के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर 2015 में सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की थी। सीबीआई ने 22 मई 2017 को रंजीत सिंह कोहली सहित तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

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