गढ़वा
गढ़वा विधायक सतेंद्रनाथ तिवारी के बयान को लेकर झामुमो, गढ़वा ने पलटवार किया है. उन्हें झामुमो नेता ने कह दिया कि सतेंद्रनाथ तिवारी मिथिलेश फोबिया से ग्रसित है. झामुमो के कुछ नेताओं ने तो उनके ब्राह्मण होने पर सवाल उठाते हुए प्रमाण मांगा है. वहीं कुछ ने गोत्र बताने पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित करने की बात कही. वहीं, कुछ नेताओं ने उन्हें गली छाप गुंडा तक कह दिया. झामुमो जिला कमेटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि गढ़वा की जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है. उनका आरोप है कि विधायक होने के घमंड में चूर सत्येंद्रनाथ तिवारी ने विकास के नाम पर शहर को बदहाली और धूल ही दी है. पार्टी ने उनकी निष्क्रियता और असंसदीय भाषा की कड़े शब्दों में निंदा की.
अपनी कमियों का दोष दूसरों पर मढ़ने में माहिर हैं सत्येंद्रनाथ तिवारी: JMM
झामुमो नेताओं के अनुसार, गढ़वा शहर की स्थिति नारकीय हो चुकी है. लोग लंबे समय से समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन विधायक इन मुद्दों को नजरअंदाज करते रहे हैं. शहर की सड़कों की हालत इतनी खराब है कि धूल घरों और दुकानों तक पहुंच रही है, जबकि विधायक केवल बयानबाजी तक सीमित हैं. उनका कहना है कि सड़कों की वर्तमान दुर्दशा के लिए सीधे तौर पर सत्येंद्रनाथ तिवारी जिम्मेदार हैं, जो अपनी कमियों का दोष दूसरों पर मढ़ने में माहिर हैं.
सतेंद्रनाथ तिवारी मिथिलेश फोबिया से ग्रसित: JMM
पार्टी ने आरोप लगाया कि जब भी जनता का आक्रोश बढ़ता है, विधायक मुद्दों से ध्यान भटकाकर पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर पर आरोप लगाने लगते हैं. नेताओं का कहना है कि सतेंद्रनाथ तिवारी मिथिलेश फोबिया से ग्रसित हैं और उनकी लोकप्रियता से परेशान होकर संतुलन खो बैठे हैं, जिसका प्रमाण उनकी कथित अमर्यादित बयानबाजी में दिखता है.
कमीशन नहीं मिलने पर विधायक दे रहे धमकी भरे बयान
झामुमो केंद्रीय सदस्य जवाहर पासवान ने आरोप लगाया कि पेशे से ठेकेदार रहे तिवारी अब खुद को अभियंता बताकर सड़कों पर ड्रामा कर रहे हैं और कमीशन के लिए दबाव बना रहे हैं. उनका कहना है कि कमीशन नहीं मिलने पर विधायक सार्वजनिक रूप से धमकी भरे बयान दे रहे हैं और जनसमस्याओं से ध्यान भटका रहे हैं. वहीं, वरिष्ठ झामुमो नेता मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि सत्येंद्रनाथ तिवारी कमीशनखोरी और घोटालों से जुड़े रहे हैं. उन्होंने कहा कि अलकतरा घोटाले में तिवारी जेल जा चुके हैं और उनकी पहचान इसी मामले से जुड़ी है. सीबीआई रिपोर्ट के हवाले से उन्होंने दावा किया कि सड़क निर्माण के लिए अलकतरा खरीद में फर्जी चालान के जरिए सरकारी धन के गबन और आपराधिक साजिश के आरोप उन पर तय हो चुके हैं. झामुमो जिला सचिव शरीफ अंसारी ने भी तिवारी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके बयान असंयमित हैं और उन्हें समय रहते मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से इलाज कराने की सलाह दी.
