रांची
झारखंड सचिवालय आशुलिपिक भर्ती प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी को लेकर अभ्यर्थियों ने गहरी चिंता जताई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से इस प्रक्रिया के पूर्ण होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। बताया गया है कि दिनांक 28 जून 2022 को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा विज्ञापन संख्या 04/2022 के तहत 452 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इसके अंतर्गत 14 दिसंबर 2022 से 18 दिसंबर 2022 तक कौशल जांच परीक्षा भी आयोजित की गई थी।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रक्रिया हुई बाधित
इसी बीच 16 दिसंबर 2022 को झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश (WP (C) No. 3894/2021, रमेश हांसदा बनाम राज्य सरकार) के आलोक में उस समय की सभी विज्ञप्तियों को निरस्त कर दिया गया और बहालियों को नए सिरे से करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद पूर्व की सभी प्रक्रियाएं रद्द हो गईं और नई विज्ञप्तियां भी जारी की गईं, लेकिन सचिवालय आशुलिपिक भर्ती को लंबे समय तक शुरू नहीं किया गया। अभ्यर्थियों के अनुसार, उन्होंने कार्मिक विभाग, मुख्य सचिव, मंत्रीगण, मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधियों तथा केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल के माध्यम से लगातार शिकायतें दर्ज कराईं। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन से मुलाकात के उपरांत 14 अगस्त 2024 को विज्ञापन संख्या 24/2024 जारी किया गया। इस विज्ञापन के लिए 6 सितंबर 2024 से 5 अक्टूबर 2024 तक आवेदन लिए गए और अभ्यर्थियों से पुनः परीक्षा शुल्क भी लिया गया।

परीक्षा कैलेंडर जारी, लेकिन अब तक नहीं हुई परीक्षा
आयोग द्वारा 11 अप्रैल 2025 को जारी परीक्षा कैलेंडर में कौशल परीक्षा जुलाई 2025 में और परिणाम नवंबर 2025 तक घोषित होने की संभावना जताई गई थी। हालांकि, वर्तमान स्थिति यह है कि अब तक न तो परीक्षा आयोजित की गई है और न ही आयोग की ओर से कोई स्पष्ट सूचना दी गई है कि परीक्षा कब होगी। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे वर्ष 2022 से लेकर 2026 तक लगभग 5 वर्षों से इस भर्ती प्रक्रिया की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस दौरान कई अभ्यर्थी आयु सीमा पार करने की कगार पर हैं, जबकि उन्होंने वर्षों तक आशुलिपि कौशल का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने इस स्थिति को अत्यंत चिंताजनक और अन्यायपूर्ण बताते हुए जल्द से जल्द परीक्षा आयोजित कर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है। साथ ही यह भी कहा कि CPGRAMS पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद 80 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।