द फॉलोअप डेस्क
झामुमो ने बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर निर्वाचन आयोग द्वारा शुरू किए गए गहण मतदाता पुनरीक्षण का विरोध किया है। साथ ही कहा है कि निर्वाचन आयोग का यह कदम बिहार चुनाव से पहले वहां अफरा-तफरी का माहौल पैदा करने की कोशिश है ताकि राष्ट्रपति शासन का प्लॉट तैयार हो सके। इसके साथ साथ आरएसएस के सर कार्यवाह होशबोले के बयान को भी संविधान विरोधी करार दिया है, जिसमें उन्होंने संविधान की प्रस्तावना से समाजवाद और धर्म निरपेक्ष शब्द को हटाने की मांग की है। झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि निर्वाचन आयोग और आरएसएस की कोशिश हो रही है कि देश की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक शक्ति मुट्ठी भर लोगों में सिमट जाए, जो भाजपा को अपनी पार्टी मानते हैं। उन्होंने कहा कि समाजवाद और पंथ निरपेक्ष शब्द को हटाने की मांग करनेवालों से पूछा जाना चाहिए कि क्या वे भारतीय संविधान की धाराओं में विश्वास करते हैं। उन्होंने कहा कि बाजार में अब समाजवाद की जगह एक नया शब्द आनेवाला है-नमो अंब अडाणी।

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि बिहार में शुरू किए गए गहण मतदाता पुनरीक्षण में आधार कार्ड और इपिक नंबर को भी दस्तावेज के रूप में स्थान नहीं दिया गया है। ऐसे ऐसे दस्तावेजों की मांग की गयी है जो 90 फीसदी ग्रामीणों के पास नहीं है। इससे गरीबों, दलितों और कमाने के लिए बिहार से बाहर गए मतदाताओं के नाम कटेंगे। इसका सीधा लाभ भाजपा को मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग और आरएसएस मिल कर मतदाताओं के मौलिक अधिकार को छीनने में जुटा है। यह बिहार में बीजेपी की सुनिश्चित हार से बचाने की असफल कोशिश है। उन्होंने कहा कि गहण मतदाता पुनरीक्षण के माध्यम से भाजपा को मजबूत करने की यह कोशिश अब झारखंड में भी शुरू होगी। पूरे देश में होगी।

बिहार में इंडिया गठबंधन और हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झामुमो लड़ेगा चुनाव
बिहार में इंडिया गठबंधन द्वारा 243 सीटों का बंटवारा कर लिए जाने और उसमें झामुमो को महत्व नहीं दिए जाने के सवाल पर सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि अभी अंत बाकी है। बिहार में झामुमो महागठबंधन और हेमंत सोरेन के नेतृत्व में पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगा। सीटों के बंटवारे पर उन्होंने यह कह कर सवाल टाल दिया कि अभी सीटों के बंटवारे का अंत बाकी है।

गुरुजी सोए हुए थे, चरण स्पर्श कर लौट आया
गुरुजी के स्वास्थ्य के सवाल पर सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि वह उन्हें देखने दिल्ली गए थे। गुरुजी सोए हुए थे। वह गुरुजी का चरण स्पर्श कर रांची लौट आए। ईश्वर से प्रार्थना है कि वह जल्द स्वस्थ होकर रांची आ जाएं।
