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मुखिया सम्मेलन में बोले सीएम हेमंत सोरेन- गांव की मजबूती से ही राज्य का विकास संभव  

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रांची 
मुख्यमंत्री हेमंत ने आज रांची के खेलगांव में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर आयोजित मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार सह मुखिया सम्मेलन में कहा कि गांव की मजबूती से ही राज्य का भी विकास संभव है। यह कार्यक्रम मुख्य रूप से दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के ग्रामीण प्रतिनिधियों के सम्मान में आयोजित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी ऐसे लोग हैं जो गांव से गांव के लोगों से सबसे करीब रहते हैं। आप सरकार के आंख, कान और नाक हैं। उन्होंने कहा कि राज्य तभी विकास करेगा जब गांव विकास करेगा। गांव जड़ है, हमारा प्रयास है कि गांव मजबूत हो और सभी के चेहरे पर मुस्कान हो। हमारी सोच गांव से शुरू होती है और हमारी सरकार रांची से नहीं, गांव से चलने वाली सरकार है।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी योजना, पंचायतों से सीधा संपर्क
मुख्यमंत्री ने कहा कि पदाधिकारी को आपके पंचायतों तक पहुंचाया गया है। आज कई ऐसे जगह हैं जहां सड़क भी नहीं है, लेकिन बैलगाड़ी से भी चलकर लोग वहां पहुंच रहे हैं। अब सरकार की नजर और योजना आखिरी व्यक्ति तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि सरकार के एक हिस्से में कार्यपालिका होती है और इनका भी एक पूरा व्यवस्था बना हुआ है काम करने का। आपको और हमको एक साथ चलना है और सरकार की चीजों को अपनी चीज समझना है।

मजदूरों की स्थिति और विकास कार्यों पर चिंता
सीएम ने कहा कि कभी-कभी लोग सरकार की चीजों को बहुत हल्की चीज समझते हैं, लेकिन जो अच्छा काम करे उसे निश्चित रूप से सराहना करना चाहिए। आज जो भी सम्मानित हुए हैं उन्हें बधाई। उन्होंने कहा कि देश में एक लोकतांत्रिक व्यवस्था है, लेकिन भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था का ढांचा गांव से शुरू होता है। गांव के बिना विकास की परिकल्पना करना सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जब यहां डबल इंजन की सरकार थी तो लोग राशन कार्ड बनवाने के लिए भटकते थे, लेकिन आज कोई भी जनता भूख से नहीं मरे हैं। सीएम ने मजदूरों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि आज कोविड जैसे हालात हैं, लेकिन आधिकारिक रूप से लॉकडाउन की घोषणा नहीं हुई, फिर भी मजदूरों का पलायन देखने को मिलता है। हर काम करने वाले मजदूर भूख से तड़प रहे हैं। यदि खाना ही नहीं मिलेगा तो लोग काम कैसे करेंगे।

गांव की जरूरतों पर पंचायत की भूमिका अहम
उन्होंने कहा कि गांव में पुल, पुलिया, नल या फिर क्या बनना चाहिए, यह आपसे बेहतर कोई नहीं जानता। अभी गर्मी का समय है, कई जगहों से शिकायतें आती हैं कि चापानल खराब हैं, इसे आपको ही देखना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार में जादुई छड़ी की तरह काम नहीं हो सकता। लोग मौसम के भरोसे खेती-बाड़ी करते हैं और उसके बाद दूसरे राज्यों में काम करने जाते हैं, लेकिन उसी खेत में बिजली उत्पादन भी हो सकता है। अंत में उन्होंने कहा कि मेरी शुभकामनाएं हैं कि आप फिर से चुनाव जीतकर आएं। हम लोग ऐसी व्यवस्था कर रहे हैं कि पंचायतों से सीधा संपर्क बना रहे और आप अपने बजट को कैसे खर्च करें, इस पर भी विभाग काम करेगा।


 

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