जामताड़ा
जामताड़ा के नारायणपुर प्रखंड में मिजिल्स (खसरा) के संभावित मरीजों की बढ़ती संख्या ने प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है. इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया है और प्रभावित गांवों में सघन निगरानी शुरू कर दी गई है. प्रखंड के विभिन्न गांवों से लगातार संदिग्ध मामले सामने आ रहे हैं. प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, अब तक कई गांवों में मरीजों की पहचान की गई है.बी इनमें बोरवा, कोरिडीह वन और नवाडीह क्षेत्र से एक एक संदिग्ध मरीज मिले है. वहीं चिहुटीया से सबसे अधिक 3 मरीज मिले हैं. जादूडीह से एक और पेटारी से 2 मरीज मिले हैं. इन सभी मरीजों में तेज बुखार और शरीर पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण देखे गए हैं. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के अनुसार, पुख्ता पुष्टि के लिए सभी मरीजों के ब्लड और थ्रोट सैंपल जांच हेतु रांची भेजे गए हैं. रिपोर्ट आने तक इन्हें संभावित मामला मानकर उपचार दिया जा रहा है.
चिकन पॉक्स ने भी पसारे पैर
खसरे के साथ-साथ क्षेत्र में चिकन पॉक्स का खतरा भी मंडरा रहा है. डब्ल्यूएचओ मॉनिटर शशिभूषण ने जानकारी दी कि नेनामारनी, सिकदारडीह और बगरुडीह गांवों में चिकन पॉक्स के 13 मरीज मिले हैं. स्वास्थ्य विभाग की टीमें इन गांवों में कैंप कर रही हैं और जरूरी दवाइयां वितरित की जा रही हैं. स्वास्थ्य विभाग ने आम जनमानस से अपील की है कि वह संक्रमित व्यक्तियों से उचित दूरी बनाए रखें. भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें. साफ-सफाई और पौष्टिक खानपान का विशेष ध्यान रखें. चिकित्सकों का कहना है कि यदि किसी को बुखार, खांसी या शरीर पर दाने दिखें, तो वे तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में संपर्क करें. लापरवाही इस संक्रमण को महामारी का रूप दे सकती है.
