द फॉलोअप डेस्क
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने TDPL एजेंसी को लेकर भाजपा पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। JMM ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि झारखंड में जिस TDPL एजेंसी पर विभिन्न परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप हैं, उसकी जांच CID कर रही है और अब तक आयोग के अध्यक्ष, एजेंसी के डायरेक्टर समेत करीब 20 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पार्टी ने दावा किया कि इसी TDPL एजेंसी पर उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधान परिषद में नियुक्तियों में कथित गड़बड़ी का आरोप लगा था और मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंचा। JMM के मुताबिक, हाईकोर्ट ने मामले की CBI जांच का आदेश दिया, लेकिन उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई, ताकि मामले की CBI जांच नहीं हो सके। JMM ने इसी को आधार बनाकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ भाजपा झारखंड में TDPL मामले की CBI जांच की मांग कर रही है, जबकि उत्तर प्रदेश में उसकी सरकार CBI जांच के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई है।
भाजपा की राजनीति को समझिए
— Jharkhand Mukti Morcha (@JmmJharkhand) August 12, 2026
झारखंड में जिस TDPL एजेंसी पर परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप है। जिसकी जांच CID कर रही है और अब तक आयोग के अध्यक्ष सहित एजेंसी के डायरेक्टर सहित 20 लोग गिरफ़्तार हो चुके हैं।
उसी TDPL एजेंसी पर UP ( उत्तरप्रदेश) के विधानसभा और विधानपरिषद में… pic.twitter.com/NF7c1WZ5j6

छात्र कर रहे सभी TDPL परीक्षाएं रद्द करने की मांग
दरअसल, झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। आंदोलनरत छात्र उन सभी परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे हैं, जिनका आयोजन TDPL एजेंसी के माध्यम से कराया गया था। छात्र पूरे मामले की CBI से जांच कराने की भी मांग कर रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर JMM ने भाजपा पर हमला बोलते हुए सोशल मीडिया पर यह सवाल उठाया है कि अगर भाजपा झारखंड में TDPL मामले की CBI जांच की मांग कर रही है, तो उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के CBI जांच के आदेश को चुनौती क्यों दी। JMM ने इसे भाजपा की कथित दोहरी राजनीति करार दिया है। झारखंड में फिलहाल भाजपा की सरकार नहीं है और राज्य में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार है।
