द फॉलोअप डेस्क
दुमका में दो फरवरी को जेएमएम का 44वां स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसको लेकर संथालपरगना के सभी जिलाध्यक्षों के साथ बैठक आयोजित की गई और समारोह की तैयारी पर विचार विमर्श किया गया। इसकी तैयारी जोरशोर से चल रही है। इसमें भाग लेने के लिए मंगलवार की शाम झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शिबू सोरेन और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दुमका पहुंचेंगे।

पहली बार 2 फरवरी, 1977 को झामुमो का मनाया गया था स्थापना दिवस
बता दें की दुमका में पहली बार 2 फरवरी, 1977 को झामुमो का स्थापना दिवस मनाया गया था। इसके बाद हर साल 2 फरवरी को झामुमो का सालाना जलसा होता है। इस जलसे में भाग लेने के लिए न्योता देने की परंपरा अनूठी रही है। पहली बार वर्ष 1977 में दुमका के एसपी कालेज में दो फरवरी को स्थापना दिवस मनाने की शुरूआत हुई थी। उस वक्त संसाधनों की घोर कमी थी। पूरे संताल परगना में आवागमन की सुविधा भी नहीं थी। तब संचार तंत्र का भी कोई अता-पता नहीं होता था। ऐसे में ग्रामीणों को सूचना व न्यौता भेजने के लिए संताली परंपरा के तहत ढरुअ घुमाया जाता था। ग्रामीण हाटों में एक लंबा डंडा में हरे पत्तों को बांधकर संताल समुदाय के संदेश या निमंत्रण देने की परंपरा को ढरुअ के नाम से पुकारा जाता है।