रांची
"झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा" (जेएलकेएम) अपने क्षेत्रीय और स्थानीय हितों को लेकर लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इस क्रम में संगठन ने झारखंड फार्मेसी काउंसिल में स्थानीय झारखंडी अभ्यर्थियों के नियमसंगत चयन की मांग को लेकर आंदोलन की घोषणा की है। आगामी 23 जुलाई (बुधवार) को संगठन झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल, बरियातू (रांची) कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन करेगा।

संगठन के नेतृत्वकर्ता देवेंद्रनाथ महतो ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि फार्मेसी काउंसिल में निबंधक (रजिस्ट्रार) एवं सदस्यों का चयन झारखंडी अभ्यर्थियों में से नियमों के अनुसार होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में निबंधन सह सचिव प्रशांत कुमार पांडे का औपबंधिक कार्यकाल 23 अप्रैल 2025 को समाप्त हो चुका है, फिर भी नियमों की अवहेलना कर उन्हें अनुचित रूप से पुनः पदस्थापित किया गया है। यह प्रक्रिया न केवल अपारदर्शी है बल्कि इससे फार्मेसी छात्रों की शिक्षा व्यवस्था भी बाधित हो रही है।
महतो ने कहा कि काउंसिल में केवल योग्य, सरकारी सेवा में कार्यरत और स्थानीय (झारखंडी) अभ्यर्थियों को ही चयनित किया जाना चाहिए, ताकि संस्था की पारदर्शिता और कार्यक्षमता बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय में संगठन ने विभागीय सचिव से औपचारिक मुलाकात कर सभी दस्तावेज़ों और तथ्यों के साथ विस्तृत जानकारी साझा की है। बावजूद इसके, सरकार की ओर से इस मामले में कोई ठोस पहल नहीं की गई है, जिससे यह प्रतीत होता है कि विभागीय स्तर पर लापरवाही और भ्रष्टाचार को मौन स्वीकृति मिल रही है।

महतो ने यह भी बताया कि इस मुद्दे को लेकर डुमरी विधायक जयराम महतो ने मुख्यमंत्री को प्रत्यक्ष पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया था, साथ ही विधानसभा के शीतकालीन सत्र में इस विषय को उठाया भी था। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ विधायक सरयू राय ने सत्र के दौरान अधिकारियों द्वारा गलत जानकारी दिए जाने के विरोध में अविश्वास प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया था। इन सभी प्रयासों के बावजूद सरकार की निष्क्रियता और उदासीन रवैये के खिलाफ अब "झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा" धरना-प्रदर्शन के माध्यम से आंदोलन तेज करेगा। आगामी बुधवार को फार्मेसी काउंसिल कार्यालय के समक्ष यह विरोध दर्ज कराया जाएगा।
