द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में आज से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की शुरुआत हो गई है। इस अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) राज्यभर में घर-घर जाकर प्रत्येक मतदाता का सत्यापन करेंगे और उन्हें इन्फॉर्मेशन (इन्यूमरेशन) फॉर्म उपलब्ध कराएंगे। राज्य के कुल 2,64,63,236 मतदाताओं में से अब तक 2,17,20,731 मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है, जबकि 47,42,505 मतदाताओं का सत्यापन अभी बाकी है। इस प्रक्रिया के दौरान एक से अधिक वोटर कार्ड रखने वाले, मृत, स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर चले गए तथा संदिग्ध प्रविष्टियों वाले मतदाताओं की भी पहचान की जाएगी, ताकि मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध बनाया जा सके। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि इस चरण में सभी बीएलओ सीधे मतदाताओं के घर पहुंचेंगे और विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत उनकी मैपिंग सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि पहले चरण में की गई मैपिंग सूची को नागरिकता के लिए एक सहायक दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया गया है। अब बीएलओ मतदाताओं को पहले से आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म की दो प्रतियां उपलब्ध कराएंगे। मतदाता आवश्यक जानकारियां भरकर और हस्ताक्षर करने के बाद एक प्रति बीएलओ को वापस देंगे, जबकि दूसरी प्रति रसीद के रूप में अपने पास सुरक्षित रखेंगे। जिन मतदाताओं के इन्यूमरेशन फॉर्म जमा हो जाएंगे, उनके नाम मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन में 5 अगस्त को शामिल किए जाएंगे।

तय हुआ पूरा कार्यक्रम, 5 अगस्त को प्रकाशित होगी प्रारूप मतदाता सूची
निर्वाचन आयोग ने एसआईआर अभियान की पूरी समय-सारिणी भी जारी कर दी है। इसके अनुसार 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इसके बाद 5 अगस्त को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। प्रारूप सूची जारी होने के बाद 5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक दावा और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी, जबकि इनका अंतिम निस्तारण 4 सितंबर तक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। इसके बाद संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित होगी। इस अभियान के दौरान सभी बूथों पर बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजर की बैठकें भी आयोजित की जाएंगी तथा मतदाताओं के फोटो एप के माध्यम से ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे, ताकि डिजिटल रिकॉर्ड भी अपडेट किया जा सके। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि राज्य के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों ने विभिन्न बूथों पर कुल 74,320 बीएलए-2 (बूथ लेवल एजेंट-2) नियुक्त किए हैं, जो एसआईआर अभियान के दौरान पूरी प्रक्रिया की निगरानी और समन्वय में सहयोग करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन्यूमरेशन फॉर्म भरते समय मतदाताओं को किसी प्रकार का दस्तावेज जमा नहीं करना होगा। पिछली एसआईआर प्रक्रिया में जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी थी, वे अपना मतदाता विवरण देकर भी मैपिंग करा सकेंगे। यदि किसी मतदाता को इन्यूमरेशन फॉर्म मिलता है और वह उस पर हस्ताक्षर किए बिना उसे वापस कर देता है, तो उसे वैध नहीं माना जाएगा। वहीं फर्जी घोषणा-पत्र भरकर इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

नए मतदाताओं का भी होगा पंजीकरण
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत बीएलओ प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे और उसे भरवाकर वापस प्राप्त करेंगे। यह अभियान 29 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान मतदाता सूची में पहले से दर्ज जानकारी का सत्यापन करने के साथ-साथ नए पात्र मतदाताओं, स्थानांतरित हो चुके लोगों, मृत मतदाताओं तथा दोहरी प्रविष्टि वाले नामों का भी विवरण एकत्र किया जाएगा। इन्यूमरेशन फॉर्म में विधानसभा क्षेत्र, भाग संख्या, ईपीआईसी (मतदाता पहचान पत्र) संख्या, मतदाता का नाम, पिता, माता, पति या पत्नी का नाम, जन्म तिथि अथवा आयु, लिंग और पूरा पता दर्ज कराया जाएगा। इसके अलावा मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी (यदि उपलब्ध हो) भी दर्ज की जाएगी। फॉर्म में यह घोषणा भी शामिल होगी कि संबंधित व्यक्ति दिए गए पते पर सामान्य रूप से निवास करता है तथा भारत का नागरिक है। साथ ही परिवार के मुखिया का नाम, परिवार के अन्य सदस्यों और मतदाताओं का पूरा विवरण भी दर्ज किया जाएगा। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि बीएलओ 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नए पात्र मतदाताओं का भी विवरण एकत्र करेंगे। यदि किसी परिवार का कोई सदस्य मृत्यु हो जाने, किसी दूसरे स्थान पर स्थायी रूप से स्थानांतरित होने अथवा अन्य किसी कारण से मतदाता सूची से हटाए जाने की स्थिति में है, तो उसका पूरा विवरण भी फॉर्म में दर्ज किया जाएगा। आयोग ने कहा है कि बीएलओ आवश्यक होने पर मतदाताओं के मूल दस्तावेज देखकर उनका विवरण फॉर्म में अंकित करेंगे, लेकिन सामान्य परिस्थितियों में मतदाताओं के मूल दस्तावेज अपने पास नहीं रखेंगे। केवल आयोग के विशेष निर्देश मिलने की स्थिति में ही आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस पूरे अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन, शुद्ध और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि केवल पात्र और वास्तविक मतदाताओं के नाम ही सूची में बने रहें।

रांची-हटिया और कांके में धीमी रही मैपिंग, ग्रामीण क्षेत्रों का प्रदर्शन बेहतर
29 जून तक की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार राज्य में मतदाता मैपिंग का कार्य 82.08 प्रतिशत पूरा हो चुका है, लेकिन रांची लोकसभा क्षेत्र के शहरी विधानसभा क्षेत्रों में अभियान की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही। रांची विधानसभा क्षेत्र में कुल 3,94,773 मतदाताओं में से केवल 2,19,365 यानी 55.57 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग हो सकी है, जबकि 1,75,408 मतदाता अभी भी अनमैप्ड हैं। वहीं हटिया विधानसभा क्षेत्र में कुल 5,49,975 मतदाताओं में से 3,04,895 यानी 55.44 प्रतिशत का सत्यापन पूरा हुआ है और 2,45,080 मतदाताओं की मैपिंग अभी शेष है। कांके विधानसभा क्षेत्र में भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। यहां कुल 5,02,628 मतदाताओं में से 3,37,767 यानी 67.20 प्रतिशत की मैपिंग पूरी हुई है, जबकि 1,64,861 मतदाता अब भी अनमैप्ड हैं। इसके विपरीत ग्रामीण और अर्द्ध-ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान बेहतर गति से आगे बढ़ा है। तमाड़ में 85.83 प्रतिशत, मांडर में 85.71 प्रतिशत और सिल्ली में 84.34 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है। वहीं खिजरी विधानसभा क्षेत्र में भी 73.97 प्रतिशत मैपिंग दर्ज की गई है, जो शहरी क्षेत्रों की तुलना में बेहतर स्थिति मानी जा रही है।
राज्य में 47 लाख से अधिक अनमैप्ड मतदाताओं का होगा सत्यापन
झारखंड में वर्ष 2003 की मतदाता सूची से अब तक हुए सत्यापन के आधार पर 47,42,505 मतदाता ऐसे हैं, जिनकी मैपिंग अभी नहीं हो सकी है। इनमें सबसे अधिक 8,09,096 अनमैप्ड मतदाता रांची जिले में हैं, जबकि सबसे कम 25,446 मतदाता लोहरदगा जिले में हैं। इसके अलावा धनबाद में 5.27 लाख, पूर्वी सिंहभूम में 5.21 लाख, बोकारो में 3.74 लाख, गिरिडीह में 2.80 लाख और पलामू में 2.35 लाख मतदाता अभी भी अनमैप्ड हैं। इनमें ग़ैरहाज़िर, स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके, मृत, डुप्लीकेट और गैर-भारतीय मतदाता जैसी श्रेणियों के लोग भी शामिल हैं, जिनकी पहचान की जानी है। 30 जून से 29 जुलाई तक चलने वाले एसआईआर अभियान के दौरान बीएलओ सभी मतदाताओं से इन्यूमरेशन फॉर्म भरवाकर हस्ताक्षर सहित वापस लेंगे। जिन मतदाताओं के फॉर्म सही पाए जाएंगे, उनके नाम मतदाता सूची के प्रारूप में शामिल किए जाएंगे, जबकि जिन मामलों में त्रुटियां सामने आएंगी, उन्हें नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।