द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में एसआईआर के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के 74,320 बीएलए को लगाया गया है। ये सभी बीएलओ के साथ मिलकर मतदाता सूची को अपडेट करने में मदद करेंगे। बीएलए अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट और गैर-भारतीय मतदाताओं की पहचान कर उसकी जानकारी बीएलओ को देंगे। राज्य के 29,562 मतदान केंद्रों के लिए 29,571 बीएलओ तैनात किए गए हैं, जो मतदाताओं को आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध करा रहे हैं। इन फॉर्म को भरने में भी बीएलए मतदाताओं की मदद कर रहे हैं।

भाजपा के सबसे ज्यादा बीएलए
मतदान केंद्रवार बीएलए की संख्या पर नजर डालें तो भाजपा सबसे मजबूत स्थिति में दिखाई देती है। हालांकि 1,345 मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां भाजपा का भी कोई बीएलए नहीं है। वहीं झामुमो के 10,293 और कांग्रेस के 10,409 मतदान केंद्रों पर बीएलए नियुक्त नहीं हैं। आजसू, राजद, भाकपा माले और बसपा सहित अन्य दलों के बीएलए भी इस अभियान में शामिल हैं, लेकिन बूथ स्तर पर उनकी मौजूदगी अपेक्षाकृत कम है।

हर सीट पर दावा लेकिन सभी बूथों पर नहीं हैं एजेंट
लोकसभा और विधानसभा चुनावों में सभी प्रमुख राजनीतिक दल राज्य की सभी सीटों पर अपनी दावेदारी पेश करते हैं और मतदान के दौरान बूथ एजेंट भी तैनात करते हैं। इसके बावजूद बूथ स्तर पर बीएलए की नियुक्ति में कई दल पीछे नजर आ रहे हैं। ऐसे में मतदाता सूची पुनरीक्षण जैसे महत्वपूर्ण अभियान में सभी मतदान केंद्रों पर राजनीतिक दलों की समान भागीदारी नहीं दिख रही है।