रांची
थैलेसीमिया, सिकल सेल और अप्लास्टिक एनीमिया जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे झारखंड के पीड़ितों को अब एक संगठित मंच मिल गया है। आज रांची स्थित सत्य भारती सभागार, मेन रोड में आयोजित आत्ममंथन सह क्रियान्वयन बैठक में ‘झारखंड थैलेसीमिया पीड़ित एसोसिएशन, रांची’ का औपचारिक गठन किया गया।
इस महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन रक्तदान संस्था ‘लहू बोलेगा’ के आह्वान पर किया गया, जिसमें रांची के विभिन्न इलाकों समेत गुमला, लोहरदगा, खूंटी और रामगढ़ से दर्जनों पीड़ित परिवारों और बच्चों ने हिस्सा लिया। बैठक की अध्यक्षता सत्य भारती के निदेशक फादर जस्टिन तिर्की ने की।

पीड़ितों ने उठाई समस्याएं
बैठक में पीड़ित परिजनों ने एक सुर में अपनी व्यथा रखी। उन्होंने बताया कि:
• कई बार ब्लड डोनर ना मिलने पर इलाज रुक जाता है।
• रक्त लेने के दौरान अपमानजनक व्यवहार का सामना करना पड़ता है।
• सुबह से शाम तक ब्लड के लिए भटकना पड़ता है।
• उपयुक्त दवाइयां नहीं मिलतीं, न ही जरूरी जांच जैसे MRI की सुविधा मिलती है।
• थैलेसीमिया/सिकल सेल कार्ड नहीं बने हैं, आयुष्मान कार्ड से भी डे केयर में चार्ज लिया जाता है।
• सदर अस्पताल रांची में पीड़ितों से हर घंटे पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है।
इन तमाम समस्याओं को कई बार जिम्मेदार अधिकारियों और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को अवगत कराया गया (दिनांक: 23 मई, 26 मई, 17 जून 2025), परंतु स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया।
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एसोसिएशन का गठन और संयोजक टीम
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बैठक में सर्वसम्मति से ‘झारखंड थैलेसीमिया पीड़ित एसोसिएशन, रांची’ का गठन किया गया। 17 सदस्यीय संयोजक टीम बनाई गई, जिसमें प्रमुख रूप से:
• देवकी देवी (संयोजक)
• सीमा देवी
• संजय टोप्पो
• रीना मुंडा
• नीलम देवी
शामिल हैं। यह टीम अब माननीय राज्यपाल एवं स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर सभी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपेगी और समाधान की दिशा में कदम उठाएगी।
